अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में रिकार्ड 11,788 मेगावाट क्षमता का इजाफा

साथ ही अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन पिछले वित्त वर्ष में 100 अरब यूनिट रहा जो किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है. 

अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में रिकार्ड 11,788 मेगावाट क्षमता का इजाफा

प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली:

जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिये सरकार के नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर का असर दिखने लगा है. पिछले वित्त वर्ष 2017-18 में सौर और पवन ऊर्जा समेत अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों से बिजली उत्पादन की कुल क्षमता में रिकार्ड 11,788 मेगावाट की वृद्धि हुई है. यह अब तक किसी एक वर्ष में जोड़ी गई सर्वाधिक क्षमता है. नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के बयान के अनुसार इस क्षमता वृद्धि के साथ अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़कर 70,000 मेगावाट पहुंच गयी है. साथ ही अक्षय ऊर्जा स्रोतों से बिजली उत्पादन पिछले वित्त वर्ष में 100 अरब यूनिट रहा जो किसी एक वर्ष में सर्वाधिक है. 

इस बारे में बिजली एवं नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आर के सिंह ने कहा, ‘‘अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देश तेजी से प्रगति कर रहा है और सरकार वर्ष 2022 तक 1,75,000 मेगावाट अक्षय ऊर्जा उत्पादन के लिए प्रतिबद्ध है.’’ 

उन्होंने कहा “अक्षय ऊर्जा ‘विकास व पर्यावरण’ के बीच संतुलन साधने का एक उत्तम जरिया है और हमारी सरकार भावी पीढ़ियों को एक स्वच्छ पर्यावरण और बेहतर दुनिया सौंपने की दिशा में कार्य कर रही है.” सरकार सौर और पवन ऊर्जा क्षेत्र में क्षमता बढ़ाने के लिये अपतटीय क्षेत्र में पवन ऊर्जा तथा नदियों में ‘फ्लोटिंग’ सौर परियोजनाएं लगाने की दिशा में भी काम कर रही है. 

मंत्रालय के अनुसार पिछले वित्त वर्ष में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में 11,788 मेगावाट क्षमता जोड़ी गयी. साथ ही पहली बार 100 अरब यूनिट से अधिक अक्षय ऊर्जा का उत्पादन हुआ जो किसी एक वर्ष में सर्वाधिक उत्पादन है.

इसके अलावा 31 मार्च की स्थिति के अनुसार 38,000 मेगावाट क्षमता की परियोजनाओं पर काम जारी है. मंत्रालय के अनुसार अक्षय ऊर्जा की स्थापित क्षमता 4 वर्ष पूर्व विद्यमान क्षमता की दोगुनी से अधिक वृद्धि के साथ लगभग 70,000 मेगावाट पहुंच गयी है. विगत वर्ष में सौर तथा पवन विद्युत की 32,500 मेगावाट क्षमता की बोली जारी की गई. 

सिंह ने कल एक कार्यक्रम में कहा था कि सरकार इस साल 40,000 से 50,000 मेगावाट क्षमता की अक्षय ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी की योजना बना रही है. देश की कुल बिजली उत्पादन क्षमता अप्रैल 2018 के अंत में 3,43,788 मेगावाट पहुंच गयी है.


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