खास बातें
- आईएमएफ ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को वैश्विक वृद्धि के लिए चुनौती बताते हुए उदीयमान अर्थव्यवस्थाओं से 'सुधारों को बढ़ाने' पर जोर दिया ताकि ऊंची वृद्धि दर हासिल की जा सके।
बीजिंग: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों को वैश्विक वृद्धि के लिए चुनौती बताते हुए आज उदीयमान अर्थव्यवस्थाओं से 'सुधारों को बढ़ाने' पर जोर दिया ताकि ऊंची वृद्धि दर हासिल की जा सके।
आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टीने लेगार्द ने बैठक में कहा, उदीयमान अर्थव्यवस्थाओं को इस तरह की वृहतआर्थिक नीतियां बनानी होंगी जिससे एक तरफ विकसित अर्थव्यवस्थाओं के नकारात्मक असर को रोका जा सके और साथ ही खुद की अर्थव्यवस्था की अत्यधिक सक्रियता के दबाव से बचा जा सके। लेगार्द भारत भी आ रही हैं।
उन्होंने कहा, सुधारों को आगे बढ़ाकर ये देश उच्च आर्थिक वृद्धि का लाभ सभी के लिए बेहतर जीवन स्तर के तौर पर उपलब्ध करा सकते हैं। ऐसा करने के लिए इन देशों में सामाजिक कल्याण की योजनाओं पर अधिक खर्च और उपभोक्ता करों में कमी लाई जानी चाहिए।
लेगार्द ने कहा, वैश्विक संकट को देखते हुए सालों के मुश्किल दौर के बाद वित्तीय बाजारों की स्थिति कुछ सामान्य हुई है और अमेरिका सहित हाल में सामने आए आर्थिक संकेत कुछ बेहतर दिखाई देते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक अर्थव्यवस्था मंदी से निकलकर वापस सामान्य होने की तरफ बढ़ी है ऐसे में हमारे लिए उम्मीद बढ़ी है।’’ उन्होंने कहा हालांकि, अभी भी आर्थिक और वित्तीय मोर्चे पर कई तरह की बाधाएं हैं जिनका हमें सामना करना है।