नई दिल्ली : भारत सहित दुनिया भर में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के बीच मंदी की आहट सुनाई देने लगी है. रूस-यूक्रेन युद्ध के यूरोप समेत दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ रहे असर, वैश्विक सप्लाई चेन में आई लड़खड़ाहट और महंगाई को थामने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी के दौर का असर सीधे सीधे विकास दर पर पड़ता दिख रहा है. आईएमएफ ने मंगलवार को एक बार फिर वैश्विक विकास पूर्वानुमानों को घटा दिया है. भारत के लिए भी विकास पूर्वानुमानों को घटाया गया है.