यह ख़बर 25 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

लघु आवास ऋण पर 1 प्रतिशत ब्याज छूट को मंजूरी

खास बातें

  • केंद्र सरकार ने 15 लाख रुपये तक के लघु आवास ऋण पर ब्याज दर में एक प्रतिशत की छूट के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
नई दिल्ली:

केंद्र सरकार ने 15 लाख रुपये तक के लघु आवास ऋण पर ब्याज दर में एक प्रतिशत की छूट के प्रस्ताव को मंगलवार को मंजूरी दे दी। यह छूट 25 लाख रुपये तक की सम्पत्ति पर लिए गए ऋण पर लागू होगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी। रिजर्व बैंक की कठोर मौद्रिक नीतियों के कारण महंगे होते वाणिज्यक ऋण को देखते हुए सरकार ने यह फैसला किया है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद जारी बयान में कहा गया है कि इस उद्देश्य से वित्त वर्ष 2011-12 के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। फिलहाल 20 लाख रुपये तक की सम्पत्ति पर लिए गए 10 लाख रुपये तक के आवास ऋण पर ब्याज दर में एक प्रतिशत की छूट का प्रावधान है। ऋण लेने वालों को यह छूट सितम्बर, 2009 से हासिल है। बयान में कहा गया है, "आवास ऋण की सीमा बढ़ाने के कारण 15 लाख रुपये तक के ऋण पर ब्याज दरों में मिलने वाली छूट बढ़कर अधिकतम, 14,865 रुपये हो जाएगी।" सरकार के इस कदम से लघु आवास कर्जधारकों पर ब्याज का बोझ कुछ हद तक कम होगा। सरकारी बयान के मुताबिक, "इस योजना के तहत आवास ऋण पर ब्याज दरों में छूट का उद्देश्य नकद जुटाने के लिए अतिरिक्त मांग बढ़ाना और निम्न तथा मध्यम आयवर्ग वालों के लिए आवासीय सुविधा सुलभ बनाना है।" उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक की कठोर मौद्रिक नीतियों की वजह से हाल के महीनों में आवास ऋण बेहद महंगे हुए हैं। बैंक ने मंगलवार को भी अपनी महत्वपूर्ण दरों में 25 आधार अंकों की वृद्धि की। जनवरी, 2010 से अब तक आधार अंकों में यह 13वीं वृद्धि है। इससे आवास, वाहन तथा अन्य वाणिज्यिक ऋण और महंगे हो जाएंगे। रेपो रेट, जिस पर रिजर्व बैंक दूसरे वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है, 8.25 प्रतिशत से बढ़कर 8.5 प्रतिशत हो गया है। इसके साथ ही रिवर्स रेपो रेट, जिस पर रिजर्व बैंक अन्य बैंकों से कर्ज लेता है, भी बढ़कर 7.25 प्रतिशत से बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो गया है।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com