यह ख़बर 02 जून, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ऊंची ब्याज दरों से होम लोन का धंधा हुआ मंदा

खास बातें

  • राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) ने कहा कि प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने और ऊंची ब्याज दरों से आवास ऋण कारोबार की वृद्धि दर घटी है।
मुंबई:

बैंकों और संस्थाओं को आवास ऋण के लिए कर्ज देने वाले शीर्ष बैंक राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी) ने कहा कि प्रॉपर्टी की कीमतें बढ़ने और ऊंची ब्याज दरों से आवास ऋण कारोबार की वृद्धि दर घटी है। एनएचबी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक आरवी वर्मा ने 26वें स्कॉच सम्मेलन में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में आवास ऋण कारोबार में वृद्धि 16 प्रतिशत ही रही जबकि गिरावट का दौर शुरू होने से पहले चार साल तक इसमें औसत वार्षिक वृद्धि 25 प्रतिशत तक थी। उन्होंने कहा, वित्त वर्ष 2011 में आवास ऋण उठाव मात्र 16 फीसद बढ़ा और 62,000 करोड़ रुपये रहा जो गिरावट दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2009.10 में जब वैश्विक हालात से प्रभावित आर्थिक गतिविधियों में सुधार शुरू ही हुआ था तो उस साल भी आवास ऋण में करीब 19 फीसद का विस्तार हुआ। उन्होंने बताया कि 2008 में वैश्विक आर्थिक संकट की शुरुआत से पहले आवास ऋण कंपनियों के कारोबार में सालाना 25 फीसद की वृद्धि दर्ज हो रही थी।


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