खास बातें
- स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में पोर्टेबिलिटी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और जिससे ग्राहकों को बेहतर मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता की सेवाएं मिल सकेंगी।
New Delhi: स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र में पोर्टेबिलिटी से इस क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और जिससे ग्राहकों को बेहतर मूल्य पर अच्छी गुणवत्ता की सेवाएं मिल सकेंगी। पोर्टेबिलिटी के तहत ग्राहक पालिसी के नियमों के साथ समझौता किए बगैर सेवा प्रदाता बदल सकेंगे। बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी दिशानिर्देशों से ग्राहक 1 जुलाई से बीमा कंपनी बदल सकेंगे। आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस के प्रमुख (स्वास्थ्य) संजय दत्ता ने कहा, यह मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी जैसा है। ग्राहकों का इंतजार खत्म होगा। उन्होंने कहा कि जहां इससे ग्राहकों को राहत मिलेगी, वहीं बीमा कंपनियों के बीच बेहतर सेवा देने की होड़ बढ़ेगी। भारती एक्सा जनरल इंश्योरेंस के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक अमरनाथ अतंतनारायणन ने कहा, क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर गुणवत्ता की सेवाएं मिलेंगी। प्रीमियम दरों में बार-बार फेरबदल एवं जरूरत से अधिक शुल्क वसूली की प्रवृत्ति घटेगी। बीमा नियामक इरडा ने स्वास्थ्य बीमा पोर्टेबिलिटी के लिए अपने दिशानिर्देशों में यह अनिवार्य किया है कि मौजूदा बीमा कंपनियों के ऐसे ग्राहक जो पहले ही बीमारी से ग्रसित हैं, पोर्टेबिलिटी की स्थिति में नई बीमा कंपनियां उन ग्राहकों को बीमा कवर देंगी।