खास बातें
- केजी बेसिन में ONGC की प्राकृतिक गैस निकालने के मामले में कार्रवाई
- रिलायंस और उसके भागीदारों ने यह गैस बीते सात साल के दौरान निकाली
- रिलायंस इंडस्ट्रीज व उसके भागीदारों से 1.55 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा
नई दिल्ली: सरकार ने केजी बेसिन अपतटीय क्षेत्र में सार्वजनिक कंपनी ओएनजीसी की परियोजना की प्राकृतिक गैस निकालने के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज और उसके भागीदारों से 1.55 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है.
रिलायंस और उसके भागीदारों ने यह गैस बीते सात साल के दौरान निकाली. जानकार सूत्रों ने बताया कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) को नोटिस भेजकर 1.55 अरब डॉलर का मुआवजा मांगा है.
गौरतलब है कि न्यायाधीश एपी शाह समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने आंध्र प्रदेश तट के समीप बंगाल की खाड़ी में कृष्णा गोदावरी (केजी) बेसिन के अपने ब्लॉक से सटे ओएनजीसी ब्लॉक की प्राकृतिक गैस पिछले सात साल तक निकाली रही और इसके लिए उसे सरकार को भुगतान करना चाहिए.
शाह समिति की राय में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने ओएनजीसी के क्षेत्र से गैस अपने ब्लाक में बह या खिसक कर आयी गैस के दोहन के लिए उसे सरकार को भुगतान करना चाहिए.
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)