हवाई किरायों की ऊपरी सीमा तय करने से सरकार का इनकार

हवाई किरायों की ऊपरी सीमा तय करने से सरकार का इनकार

नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

हवाई किरायों की ऊपरी सीमा तय किए जाने की मांग को अस्वीकार करते हुए सरकार ने बुधवार को कहा कि मौजूदा कानून के अनुसार कीमतें बाजार के कारकों से तय होती हैं। नागर विमानन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मौजूदा कानून की रूपरेखा के अनुसार कीमतें बाजार के कारक तय करते हैं।

इसके पहले कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने हवाई किरायों की ऊपरी सीमा तय किए जाने की मांग करते हुए इसके लिए कोई तंत्र स्थापित करने का सुझाव दिया था। जयंत सिन्हा ने एक अन्य सवाल के जवाब में बताया कि इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, दिल्ली पर प्रयोक्ता विकास शुल्क (यूडीएफ) सिर्फ आने वाले यात्रियों से वसूल किया जाता है।

उन्होंने कहा कि हवाई अड्डों पर यूडीएफ की वसूली किसी राजस्व संबंधी कमी को पूरा करने के लिए राजस्व संवर्धक उपाय के रूप में की जाती है, ताकि हवाई अड्डा परिचालक निवेश पर रिटर्न की उचित दर प्राप्त कर सकें।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर आने वाले यात्रियों से कम और लंबी दूरी की घरेलू उड़ानों पर क्रमश: 207 रुपये और 414 रुपये यूडीएफ लिया जा रहा है। कम, मध्यम और लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर क्रमश: 461 रुपये, 741 रुपये और 932 रुपये यूडीएफ लिया जा रहा है।

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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