नई दिल्ली: सरकार ने पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 30 पैसे प्रति लीटर और डीजल पर 1.17 रुपये प्रति लीटर बढ़ाया ताकि 2,500 करोड़ रुपये जुटाए जा सकें।
कल ही घटे थे दाम
इससे पहले मंगलवार को ही पेट्रोल के दाम में 50 पैसे और डीजल के दाम में 46 पैसे प्रति लीटर की कटौती की गई। पेट्रोलियम पदार्थों के दाम में यह कटौती उम्मीद से काफी कम मानी जा रही है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल, डीजल के दाम में उम्मीद से कम कटौती कर सरकार के लिए राजस्व उगाही की गुंजाइश छोड़ी है। वैश्विक बाजार में इस समय कच्चे तेल के दाम कई सालों के निम्न स्तर पर पहुंच गए हैं।
11 साल के निचलते स्तर पर कच्चे तेल के दाम
भारत जिन देशों से कच्चे तेल की खरीद करता है उसका औसत मूल्य सोमवार को 11 साल के निचले स्तर 34.39 डॉलर प्रति बैरल रह गया। लेकिन जिस पखवाड़े के औसत मूल्य के आधार पर नए दाम तय किए गए हैं, उसका औसत इस मूल्य के मुकाबले चार-पांच डॉलर अधिक है। इसी प्रकार डॉलर के मुकाबले रुपया भी सोमवार 66.99 रुपये प्रति डॉलर तक गिर गया, जबकि नवंबर के दूसरे पखवाड़े में यह 66.21 रुपये प्रति डॉलर के औसत पर था, जिसके आधार पर पिछली कटौती की गई।
सरकार ने इससे पहले 7 नवंबर को उत्पाद शुल्क में 1.60 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 40 पैसे प्रति लीटर वृद्धि की थी। सरकार ने नवंबर 2014 से लेकर जनवरी 2015 की अवधि में चार बार उत्पाद शुल्क वृद्धि से 20,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त किया।