यह ख़बर 27 अप्रैल, 2012 को प्रकाशित हुई थी

रेपो दर में कमी से सरकार को अर्थव्यवस्था पटरी पर आने की उम्मीद

खास बातें

  • सरकार ने कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गत 17 अप्रैल को रेपो दर में कमी की है जिससे उधार की लागत में कमी और अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान तथा इसके पटरी पर आने की संभावना है।
नई दिल्ली:

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने गत 17 अप्रैल को रेपो दर में कमी की है जिससे उधार की लागत में कमी और अर्थव्यवस्था के पुनरुत्थान तथा इसके पटरी पर आने की संभावना है।

वित्त राज्यमंत्री नमो नारायण मीणा ने लोकसभा में सी. शिवसामी और पीएल पुनिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि आरबीआई ने मार्च 2010 से अक्तूबर 2011 तक के दौरान पॉलिसी रेपो दर को 13 बार बढ़ाया। हालांकि वृद्धि में आई मंदी और मुद्रास्फीति में गिरावट के मूल्यांकन के आधार पर आरबीआई ने 17 अप्रैल 2012 को पॉलिसी रेपो दर को 50 बेसिस प्वाइंट घटाकर आठ प्रतिशत कर दिया। मंत्री ने कहा कि रेपो दर में कमी से उधार की लागत में कमी और अर्थव्यवस्था के पटरी पर आने की उम्मीद है।

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