खास बातें
- सरकार ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए उद्योग एवं कृषक समेत सभी क्षेत्र में कड़ी मेहनत करने की जरूरत है।
नई दिल्ली: सरकार ने पहली तिमाही की आर्थिक वृद्धि दर पर मंगलवार को निराशा जताई और कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और मानसून की अनिश्चितता को देखते हुए उद्योग एवं कृषक समेत सभी क्षेत्र में कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। अप्रैल-जून के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा, ..इसमें कोई संदेह नहीं है यह निराशाजनक है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर घटकर 7.7 प्रतिशत रही जो इससे पूर्व वित्त वर्ष 2010-11 की समान तिमाही में 8.8 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग तथा कृषि समुदाय समेत सब को कड़ी मेहनत करनी होगी। मुखर्जी ने कहा, हमें (सरकार और उद्योग) सबको कड़ी मेहनत करने की जरूरत है और मुझे पूरा विश्वास है कि समावेशी वृद्धि हासिल करने में हमारे कर्मचारी तथा किसान अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इसमें एक महत्वपूर्ण तत्व रोजगार का सृजन है। आर्थिक वृद्धि में तेजी लौटने की उम्मीद जताते हुए वित्त मंत्री ने कहा, हमें ध्यान में रखना होगा कि कुछ अनिश्चतता के क्षेत्र हैं..वैश्विक परिदृश्य में अनिश्चितता की स्थिति है और निश्चित रूप से मानसून को लेकर भी अनिश्चितता है जो अभी खत्म नहीं हुई है।