खास बातें
- रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा कि ब्याज दरें बढ़ने के चलते बैंक जमा दरें बढ़ाने को बाध्य होंगे. जिससे भारतीय बैंकों का शुद्ध ब्याज मार्जिन घटने की संभावना है।
Kolkata: रेटिंग एजेंसी फिच ने कहा है कि ब्याज दरें बढ़ने के चलते बैंक जमा दरें बढ़ाने को बाध्य होंगे. जिससे भारतीय बैंकों का शुद्ध ब्याज मार्जिन घटने की संभावना है, भले ही ऋण आवंटन 20.22 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। रेटिंग एजेंसी ने भारतीय बैंकों के परिदृश्य की रपट में कहा कि जहां बैंकों को दरों में इस तरह की बढ़ोतरी का बोझ ऋण लेने वाले ग्राहकों पर डालना पड़ेगा, वहीं वे प्रतिस्पर्धा के चलते इस बढ़ोतरी का कुछ हिस्सा अपने ऊपर ले सकते हैं। फिच के वरिष्ठ निदेशक आनंद भौमिक ने कहा, इसके अलावा, ऋण की मजबूत मांग और रुपये की तरलता की सख्त स्थिति से बैंकों की कोष की लागत बढ़ने की संभावना है, जिससे उनके मार्जिन पर दबाव पड़ेगा।