खास बातें
- देश के कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल से पहले भारतीय रिजर्व बैंक मुख्य नीतिगत दरों में कटौती नहीं करेगा।
नई दिल्ली: देश के कारोबारियों के मुताबिक अप्रैल से पहले भारतीय रिजर्व बैंक मुख्य नीतिगत दरों में कटौती नहीं करेगा। कारोबारियों ने साथ ही एक सर्वेक्षण में आर्थिक वृद्धि दर सात फीसदी रहने का अनुमान जताया। फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) की सोमवार को जारी सर्वेक्षण रपट में यह बात कही गई।
फिक्की के आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया, "सवालों का जवाब देने वाले 33 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि कारोबारी साल 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 6.5 फीसदी से 6.9 फीसदी रह सकती है, जबकि शेष 67 फीसदी अधिकारियों ने कहा कि विकास दर सात फीसदी तक पहुंच सकती है।" किसी भी अधिकारी ने विकास दर के 7.5 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान नहीं जताया। सर्वेक्षण में शामिल कम्पनियों ने यह भी कहा कि उन्हें रिजर्व बैंक द्वारा तीसरी तिमाही समीक्षा में दरों में कटौती का अनुमान नहीं है। फिक्की ने कहा, "महंगाई में कुछ कमी के बाद भी अधिकतर कम्पनी अधिकारियों का मानना है कि रिजर्व बैंक 24 जनवरी को मौद्रिक समीक्षा में दर में कटौती नहीं करेगा।" अधिकारियों ने हालांकि कहा कि रेपो दर में कटौती की तुलना में नकद आरक्षी अनुपात (सीआरआर) में कमी करना एक बेहतर विकल्प है।
सर्वेक्षण में महंगाई दर के भी मार्च अंत तक सात फीसदी तक रहने का अनुमान जताया गया। साथ ही कहा गया कि साल 2012-13 में यह घटकर 6.5 फीसदी तक आ सकती है। उल्लेखनीय है कि दिसम्बर 2011 में वार्षिक महंगाई दर 7.47 फीसदी रही, जो दो साल का निचला स्तर है।