फिक्की के अध्यक्ष ने कहा, भारत के बिना वृद्धि के बारे में नहीं सोच सकती कोई वैश्विक कंपनियां

फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष ने कहा कि भारत आज जहां है, उसके कुछ कुछ कारक हैं. इनमें एक वजह यह है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत में सुधार जारी रहे.

फिक्की के अध्यक्ष ने कहा, भारत के बिना वृद्धि के बारे में नहीं सोच सकती कोई वैश्विक कंपनियां

एनडीटीवी से बात करते हुए पांडा (तस्वीर में दाहिने). (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

सरकार द्वारा किए गए सुधारों और देश में कारोबार सुगमता की स्थिति को बेहतर करने के प्रयासों के बीच भारत एक अवसरों की भूमि के रूप में उभरा है. उद्योग मंडल फिक्की के अध्यक्ष सुभ्रकांत पांडा ने यह बात कही है. फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के अध्यक्ष ने कहा कि भारत आज जहां है, उसके कुछ कुछ कारक हैं. इनमें एक वजह यह है कि कोविड-19 महामारी के दौरान भी भारत में सुधार जारी रहे.

पांडा ने कहा, ‘‘आप अपनी योजनाओं में भारत के बिना वृद्धि के बारे में नहीं सोच सकते. यह उतना ही सरल है. लेकिन अगर मैं उसपर थोड़ा और विस्तार से कहूं, तो दुनिया में और कहां आपको ऐसा अवसर मिलेगा जहां आपके पास न केवल एक व्यापक एकीकृत घरेलू बाजार है, बल्कि ऐसे संसाधन भी हैं जिनके जरिये न केवल घरेलू बाजार, बल्कि निर्यात के लिए भी उत्पादन किया जा सकता है.''

पांडा ने बातचीत में कहा, ‘‘यहां भारत एक विशिष्ट प्रस्ताव की पेशकश करता है. चाहे आप एक बड़ी वैश्विक कंपनी हैं या एक स्थानीय इकाई, आप भारत के बिना अपने कारोबार को बढ़ाने के बारे में नहीं सोच सकते.''

पांडा अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक की वार्षिक बैठक के सिलसिले में भारत के उद्योगपतियों के फिक्की के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई कर रहे हैं.

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उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था महामारी के प्रभाव से पूरी तरह उबर चुकी है. लेकिन वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और विकसित अर्थव्यवस्थाओं में ऊंची मुद्रास्फीति का भारत पर असर पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कारोबार सुगमता की वजह से भारत आज वैश्विक स्तर पर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने को तैयार है.