बेंगलुरु: बीते 17 महीने में देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) में 35 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई, जबकि इसी दौरान दुनिया भर में इसमें 16 प्रतिशत की गिरावट आई है। औद्योगिक नीति व संवर्धन विभाग में सचिव अमिताभ कांत ने संवाददाताओं को यह जानकारी दी।
हिट है मेक इन इंडिया
कांत ने कहा कि 'मेक इन इंडिया' पहल पिछले साल सितंबर के आखिर में शुरू की गई थी और उसके बाद से एफडीआई में पिछले साल की तुलना में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। 'लेकिन अगर आप इस सरकार के पिछले 17 महीनों को देखेंगे तो एफडीआई पूर्व 17 माह की तुलना में 35 प्रतिशत बढ़ा है।' उन्होंने कहा कि एफडीआई विनिर्माण, उपभोक्ता सामान, लाजिस्टिक्स व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में आया है।
गौरतलब है कि अमिताभ कांत को नीति आयोग में सीईओ पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सिंधुश्री खुल्लर का इस पद पर कार्यकाल समाप्त हो गया है। अतिरिक्त प्रभार के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'मैंने अभी इसे ग्रहण नहीं किया है।'
शुरू होगा स्टार्टअप इंडिया आंदोलन
वहीं स्टार्टअप के बारे में अमिताभ कांत ने कहा, 'देश में स्टार्टअप में भारी ऊर्जा, उत्साह व गतिशीलता है और हमें इसे डिजिटल स्टार्टअप से विनिर्माण स्टार्टअप तक और कृषि व सामाजिक नवोन्मेष क्षेत्रों में स्टार्टअप तक आगे बढ़ाना होगा। इसके साथ ही इसे महानगरों से गैर महानगरों व बड़े कस्बों तक लेकर जाना होगा।' उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री 16 जनवरी को नई दिल्ली में स्टार्टअप इंडिया आंदोलन की शुरुआत करेंगे और हम बेंगलुरु से सभी स्टार्टअप को इसमें शामिल होने का न्योता दे रहे हैं।
अर्थव्यवस्था पर कांत ने कहा कि भारत 7.4 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है और 'भारत के लिए चुनौती अगले तीन दशकों या अधिक समय के लिए 9-10 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल करना है।'