खास बातें
- वोडाफोन एस्सार लिमिटेड में से एस्सार ने अपनी 22 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है। एस्सार के पास कुल 33 फीसदी हिस्सेदारी थी।
नई दिल्ली: देश भर मोबाइल सेवा देने वाली दूसरी सबसे बड़ी कंपनी वोडाफोन और एस्सार अब अलग हो गए हैं। वोडाफोन एस्सार लिमिटेड में से एस्सार ने अपनी 22 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी है। एस्सार के पास कुल 33 फीसदी हिस्सेदारी थी जिसमें से 22 फीसदी हिस्सेदारी बेची गई है। ऐसा करने के बाद वोडाफोन के पास बाकी 11 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने का विकल्प था जो वोडाफोन ने खरीद लिया है। लेकिन विदेशी कंपनी होने के कारण वोडाफोन भारत में सिर्फ 74 फीसदी की हिस्सेदारी रख सकता है। ऐसे में अब सवाल ये है कि वोडाफोन क्या करेगा। वोडाफोन अब कोई नया साझेदार खोज सकता है या फिर अपना आईपीओ लेकर आएगा।