यह ख़बर 30 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'इस साल 50 हजार करोड़ रुपये पर पहुंचेगा ई-कॉमर्स बाजार'

खास बातें

  • एक अध्ययन में कहा गया है कि वैश्विक स्तर ई-कॉमर्स के बाजार की वृद्धि दर जहां 8 से 10 फीसद रहेगी, वहीं भारत में यह इससे कई गुना तेजी से बढ़ेगा।
मुंबई:

देश में इस साल ई-कॉमर्स (ऑनलाइन कारोबार) 40 से 45 प्रतिशत तक बढ़कर 50,000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा। एक ताजा अध्ययन में कहा गया है कि वैश्विक स्तर ई-कॉमर्स के बाजार की वृद्धि दर जहां 8 से 10 फीसद रहेगी, वहीं भारत में यह इससे कई गुना तेजी से बढ़ेगा। घरेलू ई-कॉमर्स बाजार का 80 प्रतिशत ट्रैवल से संबंधित है। इसमें एयरलाइन और रेल टिकट बुकिंग, होटल बुकिंग, ऑनलाइन मोबाइल रिचार्ज शामिल हैं। ऑनलाइन रिटेलिंग कारोबार की हिस्सेदारी मात्र 15 फीसद की है। फर्स्ट डाटा इंडिया और आईसीआईसीआई मर्चेंट सर्विसेज के महाप्रबंधक बी अमरीश राउ ने एक रिपोर्ट में कहा कि बिक्री के लिहाज से ऑनलाइन शापिंग में इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधानों की मांग सबसे ज्यादा रहती है। रिपोर्ट में कहा गया है कि उद्योग वृद्धि की करवट ले रहा है और इसके आगे बढ़ने में मुख्य भूमिका ब्रॉडबैंड तक पहुंच (माह दर माह आधार पर 35 प्रतिशत की वृद्धि), 3जी की पहुंच, जीवनस्तर में सुधार मध्यम वर्ग के पास खर्च योग्य आमदनी में बढ़ोतरी हैं। इसके अलावा ई-कॉमर्स बाजार के आगे बढ़ने की अन्य वजहों में उत्पादों की व्यापक रेंज भी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि व्यस्त जीवनशैली, शहर में यातायात जाम की समस्या, ऑफलाइन शॉपिंग के लिए समय की कमी आदि कुछ और कारण हैं, जो ऑनलाइन कामर्स के बाजार को बढ़ा रहे हैं।


Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com