यह ख़बर 24 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

'उभरते देशों के सहारे वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार'

खास बातें

  • आईएमएफ ने कहा है कि भारत,चीन,इंडोनेशिया और तुर्की जैसे देशों की उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार तेज की है।
वाशिंगटन:

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने कहा है कि भारत,चीन,इंडोनेशिया और तुर्की जैसे अहम देशों की उभरती अर्थव्यवस्थाओं ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुधार की रफ्तार तेज की है। मुद्राकोष के मुताबिक खासतौर पर एशियाई क्षेत्रों में बढ़ते व्यापार ने विकसित देशों की अर्थव्यवस्था में आई मांग की कमी को पाटने में अहम भूमिका निभाई। हाल में पेरिस में हुई जी-20 देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक के लिए वैश्विक आर्थिक परिप्रेक्ष्य और चुनौतियों पर जारी रिपोर्ट में आईएमएफ ने यह जरूर माना है कि सुधार की रफ्तार संतुलित नहीं है। इस रिपोर्ट में कहा गया कि जी-20 के उभरते देशों की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ती रहेंगी,लेकिन कुछ जगहों पर इस तेजी में असंतुलन के संकेत भी मिल रहे हैं। इन देशों में घरेलू मांग जबरदस्त है और वैश्विक उत्पादन में सुधार से अर्थव्यवस्थाओं के विस्तार की ताकत बढ़ी है। मुद्रा कोष के मुताबिक मेक्सिको और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को छोड़ दिया जाए, तो जी-20 देशों में बेरोजगारी में गिरावट का रुख है। उत्पादन का अंतर तेजी से पट रहा है और कई देशों में तो मांग काफी ज्यादा हो रही है, लेकिन इसके साथ ही महंगाई का भारी दबाव भी ब्राजील, चीन, भारत, इंडोनेशिया, रूस जैसे देशों पर पड़ रहा है। मुद्रा कोष ने कहा कि जी-20 के बीच सहयोग और सही वक्त पर सही नीति ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में असंतुलन को कम करने के लिए बेहद अहम है। 


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