खास बातें
- ईसीबी ने वित्तीय बाजारों की स्थिति को शांत करने के उद्देश्य से ऋण संकट में फंसे देशों के और सरकारी बांड खरीदने की घोषणा की है।
बर्लिन: साख निर्धारण एजेंसी स्टैंडर्ड एंड पुअर्स द्वारा गत शुक्रवार को अमेरिका की ऋण साख घटाने के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में संकट और गहरा गया है। ऐसे में यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ईसीबी) ने वित्तीय बाजारों की स्थिति को शांत करने के उद्देश्य से ऋण संकट में फंसे देशों के और सरकारी बांड खरीदने की घोषणा की है। तीन साल में दूसरे वित्तीय संकट से बचने के लिए भारत सहित जी-20 के देशों के नेताओं और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों तथा जी-सात ने राजनयिक प्रयास तेज कर दिए हैं। दुनिया भर की सरकारों और अर्थव्यवस्थाओं की निगाह इस बात पर लगी है कि अमेरिकी साख घटाने के बाद बाजार में क्या प्रतिक्रिया होती है। इसके मद्देनजर उनके बीच लगातार टेलीफोन कान्फ्रेंसिंग के जरिए इस स्थिति से निपटने पर विचार-विमर्श हो रहा है। यूरो क्षेत्र के केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के बीच वीडियो कान्फ्रेंसिंग के बाद ईसीबी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वह यूरो क्षेत्र के सरकारी बांड खरीदने के अपने कार्यक्रम को तेजी से लागू करेगा। तोक्यो बाजार में कारोबार शुरू होने से कुछ घंटे पहले आए इस बयान में हालांकि यह नहीं बताया गया है कि ईसीबी किन देशों के सरकारी बांडों की खरीद करेगा। लेकिन इसमें यह संकेत दिया गया है कि ऋण खरीद कार्यक्रम का विस्तार इटली तक किया जाएगा।