खास बातें
- मौजूदा गिरावट को अल्पकालिक दौर करार देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत हो गई है कि वह ‘झटकों’ को सहन कर सकती है।
नई दिल्ली: मौजूदा गिरावट को अल्पकालिक दौर करार देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत हो गई है कि वह ‘झटकों’ को सहन कर सकती है। उन्होंने कहा कि देश की विकास गाथा मुक्कमल है। उन्होंने भारत के आर्थिक सुधार और विकास विषय पर यहां पैनल चर्चा में भाग लेते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा, ‘अर्थव्यवस्था के ढांचे में बदलाव आया। हमारे वित्तीय बाजार अधिक परिपक्व, अधिक विविधता वाले और ज्यादा मजबूत हुए हैं। उनके पास झटकों को सहन करने की क्षमता है।’
आगामी 17 अप्रैल को वार्षिक ऋण नीति की घोषणा करने जा रहे गवर्नर ने राजकोषीय और चालू खाता घाटे के बीच बढ़ते अंतर पर चिंता जताई और शासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘स्थूल अर्थव्यवस्था, हमारी नीतियों और शासन को लेकर गंभीर चिंताएं हैं।’
पैनल चर्चा में कई अर्थशास्त्रियों के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी मौजूद थे। उन्होंने स्वीकार किया कि अर्थव्यवस्था कठिनाइयों से गुजर रही है लेकिन यह भी उम्मीद जताई कि इनसे पार पा लिया जाएगा।