सरकार के इस कदम से डिस्कॉम को मिली राहत, बिजली उत्पादकों कंपनियों का बकाया घटकर आधा हुआ

जेनको (GENCO) और डिस्कॉम (DISCOM) के बीच बिजली खरीद लेनदेन में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए मई, 2018 में प्राप्ति (PRAAPTI) पोर्टल शुरू किया गया था. जिसके बाद हाल ही में इस पोर्टल को एक नया रूप दिया गया है.

सरकार के इस कदम से डिस्कॉम को मिली राहत, बिजली उत्पादकों कंपनियों का बकाया घटकर आधा हुआ

सरकार द्वारा उठाए गए कई अहम कदमों के कारण डिस्कॉम (DISCOM) के कुल बकाया में भारी कमी आई है.

नई दिल्ली:

बिजली वितरण कंपनियों (Electricity Distribution Companies) पर बिजली उत्पादकों (Power Producers) का कुल बकाया जनवरी में लगभग आधा होकर 62,681.68 करोड़ रुपये पर आ गया है, जो जनवरी, 2022 में 1,21,030 करोड़ रुपये था. इसको लेकर एक्सपर्ट ने कहा है कि मुख्य रूप से सरकार द्वारा उठाए गए कई अहम कदमों के कारण बिजली वितरण कंपनियों यानी डिस्कॉम (DISCOM) के कुल बकाया में भारी कमी आई है. इनमें विलंबित भुगतान अधिभार नियम या लेट पेमेंट सरचार्ज रूल (Late Payment Surcharge Rule) और वितरण कंपनियों को समान मासिक किस्त (EMI) में भुगतान की सुविधा प्रदान करना शामिल है.

जनवरी में डिस्कॉम का कुल बकाया 1,21,030 करोड़

आपको बता दें कि प्राप्ति (PRAAPTI) यानी पेमेंट रैटिफिकेशन एंड एनालिसिस इन पावर प्रोक्यूरमेंट फॉर ब्रिंगिंग ट्रांसपेरेंसी इन इन्वॉयसिंग ऑफ जेनरेटर्स पोर्टल के अनुसार, डिस्कॉम का कुल बकाया जनवरी, 2023 में 62,681.68 करोड़ रुपये था. इसमें 25,526.42 करोड़ रुपये का पुराना बकाया भी शामिल है. यहां पुराने बकाये का मतलब ऐसे बकाये से है,जिसे डिस्कॉम द्वारा जेनको द्वारा दी गई 45 दिन की छूट (ग्रेस) की अवधि के बाद भी चुकाया नहीं गया है. जनवरी, 2022 में डिस्कॉम का कुल बकाया 1,21,030 करोड़ रुपये था, जिसमें 1,01,357 करोड़ रुपये का पुराना बकाया शामिल है.

बिजली उत्पादक बिजली आपूर्ति के बिलों का भुगतान करने के लिए डिस्कॉम को 45 दिन का समय देते हैं. उसके बाद बकाया राशि पुराने बकाया में आ जाती है. उत्पादक ज्यादातर मामलों में उसपर दंडात्मक ब्याज वसूलते हैं. जेनको  (GENCO) और डिस्कॉम (DISCOM) के बीच बिजली खरीद लेनदेन में ट्रांसपेरेंसी लाने के लिए मई, 2018 में प्राप्ति (PRAAPTI) पोर्टल शुरू किया गया था. जिसके बाद हाल ही में इस पोर्टल को एक नया रूप दिया गया है.

बिजली आपूर्तिकर्ताओं के बकाया की वसूली में हुआ सुधार

बिजली मंत्रालय ने इससे पहले नवंबर, 2022 में कहा था कि बिजली (एलपीएस और संबद्ध मामले) नियम, 2022 के लागू होने से उत्पादन कंपनियों, ट्रांसमिशन कंपनियों और व्यापारियों सहित आपूर्तिकर्ताओं के बकाया की वसूली में काफी सुधार देखा गया है.  आंकड़ों के मुताबिक, राज्यों का कुल बकाया जो तीन जून, 2022 तक 1,37,949 करोड़ रुपये था, वह केवल चार ईएमआई के समय पर भुगतान के साथ 24,680 करोड़ रुपये घटाकर 1,13,269 करोड़ रुपये रह गया है.

कई राज्यों ने कर्ज लेकर किया बकाये का भुगतान

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इस दौरान पांच राज्यों ने 24,680 करोड़ रुपये की ईएमआई के भुगतान के लिए पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन और आरईसी लिमिटेड से 16,812 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. वहीं आठ राज्यों ने यह भुगतान करने के लिए अपनी खुद की व्यवस्था की है. इन नियमों के बाद वितरण कंपनियां भी  अपने मौजूदा बकाया का समय पर भुगतान कर रही हैं. पिछले पांच माह में वितरण कंपनियों ने करीब 1,68,000 करोड़ रुपये का बकाया चुकाया है.