यह ख़बर 08 मार्च, 2013 को प्रकाशित हुई थी

डीजल की बिक्री बाजार मूल्य पर करने का निर्णय

खास बातें

  • सरकार ने बताया कि उसने जनवरी 2013 से तेल विपणन कंपनियों से सीधे थोक आपूर्ति प्राप्त करने वाले सभी उपभोक्ताओं को डीजल की बिक्री गैर-सरकारी सहायता प्राप्त बाजार निर्धारित मूल्य पर करने का निर्णय किया है।
नई दिल्ली:

सरकार ने बताया कि उसने जनवरी 2013 से तेल विपणन कंपनियों से सीधे थोक आपूर्ति प्राप्त करने वाले सभी उपभोक्ताओं को डीजल की बिक्री गैर-सरकारी सहायता प्राप्त बाजार निर्धारित मूल्य पर करने का निर्णय किया है।

लोकसभा में राकेश सिंह के प्रश्न के लिखित उत्तर में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि 2012-13 के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों के पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री पर।,63,969 करोड़ रुपये की कुल अनुमानित कम वसूली हुई, जिसमें डीजल की बिक्री पर होने वाली कम वसूली का हिस्सा 57 प्रतिशत है।

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उन्होंने कहा, डीजल की बिक्री पर तेल विपणन कंपनियों को होने वाली कम वसूली को देखते हुए सरकार ने जनवरी 2013 से तेल विपणन कंपनियों से सीधे थोक आपूर्ति प्राप्त करने वाले सभी उपभोक्ताओं को डीजल की बिक्री गैर सरकारी सहायता प्राप्त बाजार निर्धारित मूल्य पर करने का निर्णय किया है। मोइली ने कहा कि तेल विपणन कंपनियों ने 18 जनवरी 2013 से इसे लागू कर दिया है। उन्होंने कहा कि तेल विपणन कंपनियों को खुदरा उपभोक्ताओं को डीजल की बिक्री पर 11.26 रुपये प्रति लीटर की कम वसूली हो रही है। पीडीएस के राशन पर 33. 43 रूपये और सब्सिडी पर आधारित घरेलू रसोई गैस सिलेंडर पर 439 रुपये की कम वसूली हो रही है।