यह ख़बर 26 जनवरी, 2014 को प्रकाशित हुई थी

उभरती अर्थव्यवस्थाओं को संरचनात्मक सुधारों पर ध्यान देना चाहिए : आईएमएफ

दावोस:

अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की प्रमुख क्रिस्टीने लेगार्दे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था सुधार के रास्ते पर आगे बढ़ रही है और ऐसे में उभरते देशों को आर्थिक वृद्धि संभावनाओं का लाभ उठाने के लिए संरचनात्मक सुधारों को आगे बढ़ाना चाहिए।

'...ढांचागत सुधारों की उभरते देशों में भी आवश्यकता है। इन देशों में उपलब्ध संभावनाओं का दोहन करने के वास्ते इन देशों को अड़चनों को दूर करना होगा और बचाव में खड़े किए अवरोधों को दूर करना होगा।'

लेगार्दे ने इसकी जरूरत बताते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था के समक्ष संभावित जोखिम की तरफ भी इशारा किया।

विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के 44वें सालाना सम्मेलन के आखिरी दिन वैश्विक आर्थिक परिदृश्य के एक सत्र में भाग लेते आईएमएफ की प्रबंध निदेशक लेगार्दे ने कहा कि आज अहम समाचार यह है कि विकसित देशों की अर्थव्यवस्थाएं उम्मीद से कुछ बेहतर दर से विकसित हो रही हैं जबकि उभरती अर्थव्यवस्थाओं की वृद्धि वैसी नहीं रह पाई है जैसी की पहले उम्मीद की जा रही थी।

उन्होंने कहा ''अब रचि नए जोखिम के बारे में चर्चा करने पर है। अब इस बात पर चर्चा हो रही है कि फेडरल रिजर्व किस तरह से प्रोत्साहन उपायों को वापस लेता है, इसकी क्या गति होगी और कैसे इसे आगे बढ़ाया जाएगा और इसके क्या प्रभाव होंगे, विशेषकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं पर इसका क्या असर होगा।'

लेगार्दे ने कहा 'यह नया जोखिम है जो क्षितिज पर उभर रहा है और इस पर नजर रखने की जरूरत है।' उन्होंने अवस्फीति को नया उभरता जोखिम बताते हुए कहा कि आने वाले समय में मौद्रिक नीतियों को नए सिरे से तैयार करना होगा।

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लेगार्दे के अलावा बैठक में यूरोपीय केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष मारियो द्राघी, बैंक ऑफ जापान के गवर्नर हारहीको कुरोदा, योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया सहित कई देशों के वित्तीय विशेषज्ञों ने इस सत्र में भाग लिया।