नई दिल्ली: सम और विषम वाली गाड़ियों को लेकर दिल्ली सरकार का फॉमूला 1 जनवरी से लागू होने वाला है। इस घोषणा के बाद से ही बहस और तकलीफ बयां करने का दौर लगातार चल रहा है, लेकिन उन लोगों के लिए अब राहत भरी खबर है, जो शेयरिंग पर भरोसा करते हैं और रेडियो टैक्सी लेते हैं। रडियो टैक्सी एसोसिएशन ने इस बात पर सहमति बना ली है कि अगर सरकार का साथ मिले तो वह जल्द ही राइड शेयरिंग की सुविधा अपने ग्राहकों के लिए शुरू कर देंगे।
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एसोसिशन ऑफ रेडियो टैक्सीज के अध्यक्ष कुणाल ललानी ने बताया कि शुक्रवार को दिल्ली सरकार ने जैसे ही इवन ऑड को लेकर घोषणा की तभी से एसोसिएशन के लोगों की दो बार राइड शेयरिंग को लेकर बैठक हो चुकी है। सहमति भी बन गई है और अब अपने प्रस्ताव के साथ ये लोग हफ्ते से 10 दिनों के भीतर दिल्ली सरकार से मिलने वाले हैं।
दरअसल, रेडियो टैक्सी एसोसिएशन के तहत दिल्ली की कुल पांच कैब सर्विसेज आती हैं, जिसमें मेरू, ईजी, मेगा, विन और यो शामिल है। इसके तहत दिल्लीभर में चलने वाली तकरीबन 3800 गाड़ियां हैं और शुरुआत में इनमें से 30 से 40% गाड़ियों को ये लोग राइड शेयरिंग पर चलाने को तैयार हैं।
एक तरफ जहां सरकार इवन ऑड के फॉमूले को हिट बनाने को लेकर ट्रांसपोर्ट के वैकल्पिक व्यवस्था तलाशने में जुटी है वहीं राइड शेयरिंग को लेकर टैक्सी एसोसिएशन का प्रस्ताव सरकार और पब्लिक को राहत देने वाली हो सकती है।