खास बातें
- आईपीएल में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने वाले टीवी स्टिंग ऑपरेशन को लेकर मचे बवाल पर कुछ बोलने से इनकार करते हुए किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान डेविड हसी ने कहा कि यदि मीडिया उनके खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता पर शक करेगा तो उन्हें बहुत दुख होगा।
नई दिल्ली: आईपीएल में भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने वाले टीवी स्टिंग ऑपरेशन को लेकर मचे बवाल पर कुछ बोलने से इनकार करते हुए किंग्स इलेवन पंजाब के कप्तान डेविड हसी ने कहा कि यदि मीडिया उनके खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता पर शक करेगा तो उन्हें बहुत दुख होगा।
हसी ने दिल्ली डेयरडेविल्स के हाथों पांच विकेट से मिली हार के बाद कहा, मेरी टीम में हर कोई पूरी प्रतिबद्धता से खेल रहा है। यदि प्रिंट या टीवी मीडिया उनके बारे में प्रतिकूल लिखता है तो मुझे दुख होगा। मैं इस स्टिंग पर कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं कर सकता।’’ बीसीसीआई की जांच के बाद पांच खिलाड़ियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। इनमें मोहनिश मिश्रा (पुणे वारियर्स), शलभ श्रीवास्तव (किंग्स इलेवन पंजाब), टीपी सुधींद्र (डेक्कन चार्जर्स), अमित यादव (किंग्स इलेवन पंजाब) और अभिनव बाली शामिल हैं।
दिल्ली के खिलाफ मैच में मिली हार के लिए हसी ने बल्लेबाजों को कसूरवार ठहराया। उन्होंने कहा कि कोटला की पिच पर 160 के आसपास स्कोर होना चाहिए था।
हसी ने कहा, ‘‘इस विकेट पर 160 के करीब रन होने चाहिए थे। हमने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन बल्लेबाजों ने निराश किया। हमारे गेंदबाज बधाई के पात्र हैं जिन्होंने हार नहीं मानी और मैच को आखिरी ओवर तक ले गए।’’ तेज गेंदबाज परविंदर अवाना ने तीन विकेट चटकाकर दिल्ली के शीर्षक्रम को हिला दिया जिसमें वीरेंद्र सहवाग का अहम विकेट शामिल था। हसी ने कहा कि उस स्पैल ने टीम को मैच में लौटाया था।
उन्होंने कहा, ‘‘वह विश्वस्तरीय स्पैल था। उसने तीन बल्लेबाजों को आउट किया जिससे खेल का नक्शा बदल गया। हमने गलती यह की कि उसे चौथा ओवर नहीं दिया अन्यथा महेला जयवर्धने भी आउट हो जाते।’’ हसी ने हार के लिए व्यस्त कार्यक्रम को कसूरवार नहीं ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘हमें यह मैच हर हालत में जीतना था। हम दो दिन पहले मोहाली में खेलकर यहां पहुंचे थे। इससे थकावट होती है लेकिन हार के लिए यह बहाना नहीं दिया जा सकता।’’