यह ख़बर 12 अक्टूबर, 2014 को प्रकाशित हुई थी

हुदहुद : ओडिशा में 68 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

हुदहुद का आंध्र के तटीय इलाकों में काफी व्यापक असर पड़ा है

भुवनेश्वर:

आंध्र प्रदेश में चक्रवात हुदहुद के दस्तक देने के बीच ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि करीब 68 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और राज्य प्रशासन इससे निबटने के लिए तैयार है।

पटनायक ने कहा, चक्रवात का गंजाम, गजपति, कोरापुट, पुरी, कालाहांडी और केंद्रपाड़ा जैसे ओडिशा के विभिन्न जिलों में असर हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 68 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।

उन्होंने अधिकारियों को असुरक्षित स्थानों से लोगों को निकालने का काम जारी रखने का निर्देश दिया, क्योंकि चक्रवात का पूरा असर तट पर पहुंचने के कुछ घंटों बाद महसूस होगा। पटनायक ने कहा कि प्रभावित लोगों को 604 राहत शिविरों में रखा गया है और राज्य सरकार चक्रवात से उत्पन्न स्थिति और इसके बाद संभावित बाढ़ से निबटने के लिए तैयार है।

अधिकारियों ने कहा कि विशेष राहत आयुक्त कार्यालय में स्थिति की समीक्षा करने वाले पटनायक ने विभिन्न स्थलों खासकर दक्षिणवर्ती जिलों में जलाशयों की स्थितियों के बारे में जानकारी ली। विशेष राहत आयुक्त पीके महापात्रा ने कहा कि रविवार दोपहर तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए करीब 68 हजार लोगों में से 30 हजार लोगों को गजपति जिले में, जबकि 13,282 लोगों को कोरापुट तथा 7,900 लोगों को गंजाम जिले में सुरक्षित स्थानों पर शरण दी गई है।

हालांकि मौसम विभाग ने आठ दक्षिणवर्ती जिलों में हवा की गति में तेजी आने की आशंका जताई है। राज्य सरकार ने मलकानगिरि, कोरापुट, रायगढ़ा, नबरंगपुर, गंजाम, गजपति, कंधमाल और कालाहांडी के रूप में उन आठ जिलों की पहचान की है, जहां चक्रवात का सबसे ज्यादा असर होने की संभावना है।


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