खास बातें
- देश में बैंकिंग क्षेत्र के आधिकारिक आंकड़ों को देखें तो ग्राहकों को बैंकों से एक बड़ी शिकायत क्रेडिट कार्ड और एटीएम सेवाओं को लेकर है तथा विदेशी बैंकों के खिलाफ ऐसी शिकायतों का अनुपात सबसे ज्यादा है।
नई दिल्ली: क्रेडिट, डेबिट और एटीएम कार्ड शिकायतों पर यदि अलग अलग बैंकों की बात की जाये तो रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकन एक्सप्रेस बैंकिंग कार्पोरेशन के खिलाफ कुल शिकायतों में सबसे ज्यादा 57 प्रतिशत, एचएसबीसी के खिलाफ 50 प्रतिशत, बाक्र्लेज बैंक के खिलाफ 47 प्रतिशत, स्टैण्डर्ड चार्टर्ड के खिलाफ 40 प्रतिशत और सिटी बैंक के खिलाफ 38 प्रतिशत शिकायतें कार्ड से जुड़ी समस्याओं के बारे में मिलीं।
निजी क्षेत्र के बैंकों में आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के खिलाफ 28.52 प्रतिशत, एक्सिस बैंक के खिलाफ 28.17 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक के खिलाफ 27.6 प्रतिशत शिकायतें क्रेडिट, डेबिट और एटीएम कार्ड से जुड़ी थी। देश का सबसे बड़ा वाणिज्यिक बैंक भारतीय स्टेट बैंक भी इस मामले में पीछे नहीं रहा, उसके खिलाफ 27 प्रतिशत शिकायतें क्रेडिट, डेबिट कार्डों के बारे में मिली।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में स्टेट बैंक समूह के खिलाफ ही ज्यादा शिकायतें हैं। वर्ष 2010-11 में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के खिलाफ कुल 42,724 शिकायतें बैंकिंग लोकपाल को मिली जिसमें से आधे से ज्यादा 22,307 शिकायतें केवल स्टेट बैंक समूह के खिलाफ मिलीं। इसमें अकेले स्टेट बैंक के खिलाफ देशभर से 19,439 शिकायतें लोकपाल को मिली जिसमें 5,268 शिकायतें कार्ड से जुड़ी थी। बड़े राष्ट्रीयकृत बैंकों में बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, सैंट्रल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ कार्ड से जुड़ी शिकायतों का औसत 15 से लेकर 23 प्रतिशत के बीच रहा। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार एक साल पहले देशभर में 75,516 करोड़ रूपये का कारोबार क्रेडिट कार्ड के जरिये हुआ।
क्रेडिट कार्ड के बारे में ग्राहकों की कई तरह की शिकायतें हैं। गलत बिल भेजना, बिल का भुगतान कर दिये जाने पर भी फिर बिल भेज देना, कार्ड की नि:शुल्क पेशकश के बावजूद वार्षिक शुल्क काट लेना और भुगतान निपटा दिये जाने के बावजूद ग्राहक के मामले को सिबिल में ठीक नहीं करना। क्रेडिट इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (इंडिया) लिमिटेड यानी ‘सिबिल’ एक प्रकार का ऋण सूचना ब्यूरो है, जिसके पास 17 करोड़ ग्राहकों और 65 लाख कंपनियों का डाटाबेस उपलब्ध है।
बैंक सेवाओं से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिये रिजर्व बैंक ने कई कदम उठाये हैं। हाल ही में रिजर्व बैंक ने एटीएम कार्ड से पैसा निकालते समय गड़बड़ी के मामले में बैंकों को सात दिन के भीतर समस्या का निराकरण करने को कहा। बैंकों में शिकायत करने पर बैंकों द्वारा निदान नहीं करने पर बैंकिंग लोकपाल में शिकायत की जा सकती है। देशभर के विभिन्न शहरों में बैंकिंग लोकपाल (ओबड्समैन) के 15 कार्यालय हैं। लोकपाल ने बैंकों को हिदायत दी है कि वह अपने सिबिल रिकार्ड को सयम पर ठीक कर लें, क्योंकि यह किसी भी ऋण की मंजूरी में एक महत्वपूर्ण कारक का काम करता है।