यह ख़बर 23 फ़रवरी, 2011 को प्रकाशित हुई थी

ठेका श्रमिक कानून में संशोधन कर सकती है सरकार

खास बातें

  • सरकार देश में ठेके पर नियुक्ति को समाप्त करने और ठेका कर्मियों को विनियमित करने के लिए संबंधित कानून में संशोधन कर सकती है।
New Delhi:

सरकार देश में ठेके पर नियुक्ति को समाप्त करने और ठेका कर्मियों को विनियमित करने के लिए संबंधित कानून में संशोधन कर सकती है। श्रम मंत्री मल्लिकाजरुन खरगे ने बुधवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि सरकार त्रिपक्षीय समूह की एक बैठक बुलाने के लिए प्रयासरत है। समूह से ठेका कर्मियों को विनियमित किए जाने और उनकी सेवा शर्तो के बारे में एक रिपोर्ट देने को कहा गया है। उन्होंने टी रत्नाबाई के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक हुआ तो ठेका श्रमिक विनियमन एवं संशोधन अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। खरगे ने विश्वास जताया कि त्रिपक्षीय समूह की रिपोर्ट से ठेका श्रमिकों को कम मजदूरी दिए जाने तथा अन्य समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। टी राजगोपाल के पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि नियमित कर्मियों की जरूरत होने के बावजूद ठेके पर भर्ती और आउटसोर्सिग का काम जारी है। त्रिपक्षीय समूह की रिपोर्ट मिलने पर ही आवश्यक कार्रवाई के बारे में विचार किया जाएगा। अनुसूइया उइके के पूरक प्रश्न के उत्तर में खरगे ने बताया कि ठेका कर्मियों के लिए अधिनियम में स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने का प्रावधान है लेकिन इसे लागू न करने के बारे में शिकायतें भी मिल रही हैं। उन्होंने श्रम सचिवों की बैठक में इस मुद्दे पर विचार करने का आश्वासन दिया। जेसुदासु सीलम के पूरक प्रश्न के उत्तर में उन्होंने बताया कि ठेके पर नियुक्तियों में आरक्षण का प्रावधान है लेकिन कई जगहों पर इसका पालन न किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि सरकार राज्यों से इस बारे में बात करेगी। बहरहाल, उन्होंने कहा कि आउटसोर्सिग में आरक्षण लागू करना बहुत मुश्किल है।


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