खास बातें
- कंपनी मामलों के मंत्रालय का कहना है कि संसद की अवधि घटा दी गई है, इसलिए इस विधेयक के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है।
नई दिल्ली: कंपनी विधेयक, 2009 के संसद के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कंपनी मामलों के मंत्रालय का कहना है कि संसद की अवधि घटा दी गई है, इसलिए इस विधेयक के चालू सत्र में पारित होने की संभावना नहीं है। कंपनी विधेयक, 2009 करीब 50 साल पहले के पुराने कानून की जगह लेगा। कंपनी मामलों के राज्यमंत्री आरपीएन सिंह ने एसोचैम के एक कार्यक्रम के मौके पर कहा, हम कंपनी विधेयक पर काम कर रहे हैं पर हम इसे चालू सत्र में पारित नहीं करा पाएंगे क्योंकि संसद की अवधि घटा दी गई है। हालांकि, मंत्री ने भरोसा जताया कि यह विधेयक संसद के अगले सत्र में पारित हो जाएगा। सिंह ने कहा, हम निश्चित रूप में इसे अगले सत्र में पारित करवा पाएंगे। सत्यम कंप्यूटर का 14,000 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आने के बाद यह विधेयक लाया गया है। इसमें शेयरधारकों को ज्यादा अधिकार तथा कारपोरेट प्रशासन नियमों को सख्त करने का प्रावधान है। इस विधेयक में देश में पहली बार क्लास एक्शन सुइट की अवधारणा को शुरू करने का प्रावधान है। इसमें निवेशकों के पास शोषण और कुप्रबंधन के लिए कंपनी के खिलाफ मामला चलाने का मुआवजा पाने का हक होगा।