खास बातें
- कोल इंडिया मध्यरात्रि से कोयले के दाम 15 फीसद तक बढ़ा देगी ताकि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कीमतों में समानता लाई जा सके।
नई दिल्ली: सार्वजनिक क्षेत्र की कोल इंडिया लि. मध्यरात्रि से कोयले के दाम 15 फीसद तक बढ़ा देगी ताकि अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में कीमतों में समानता लाई जा सके। सीआईएल के एक सूत्र ने कहा, हम आयातित कोयला मूल्य से 50 प्रतिशत सस्ते दाम पर कोयला बेच रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार की कीमतों में काफी अंतर है। ऐसे में कंपनी निदेशक मंडल ने कीमतों में वृद्धि का फैसला लिया है। दुनिया की सबसे बड़ी कोयला उत्पादक कंपनी ने इससे पहले अक्टूबर, 2009 में कोयले के दाम बढ़ाए थे। ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड प्रांत में बाढ़ की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयले के दाम चढ़ गए हैं। विश्व में कोकिंग कोयले के निर्यात में क्वींसलैंड का योगदान 40 से 45 प्रतिशत का है। कोयला उत्पादन में बाधा की वजह से कोकिंग कोयले के हाजिर दाम 40 से 50 डॉलर प्रति टन बढ़कर 280 से 290 टन पर पहुंच गए हैं। मूल्यवृद्धि से सीआईएल को अपनी परिचालन लागत की आंशिक भरपाई करने में मदद करेगी। कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 3.85 लाख है और उसे उनके वेतन पर भारी राशि खर्च करनी पड़ती है।