पीयूष गोयल का फाइल फोटो...
कोरबा (रायपुर): केंद्रीय कोयला एवं ऊर्जा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल ने कहा है कि देश में कोयला उत्पादन को एक अरब टन तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है।
गोयल ने कोरबा में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कोयला मंत्रालय और कोल इंडिया के सामने बेहद चुनौतीपूर्ण लक्ष्य है। कोयले का उत्पादन दोगुना कर एक अरब टन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि कोल इंडिया ने कोयले के उत्पादन में अब तक की सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। त्वरित पारदर्शी बोली से कोयले का आयात घटा है और देश में भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा को बचाया गया है। वहीं, देश में बिजली की कमी अब 4.2 फीसदी से घटकर 2.1 फीसदी है।
गोयल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे विकास पर्व को लेकर कहा कि सरकार अपने दो वर्ष के कार्यकाल के अनुभव को लेकर आम जनता के पास जा रही है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं हुआ है।
इससे पहले, उन्होंने जिले के गेवरा में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कोल इंडिया की ओर से राज्य के लोगों को मेडिकल कालेज की सौगात दी जाएगी, जिससे क्षेत्र के छात्रों को लाभ होगा। पीयूष गोयल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 637 अविद्युतीकृत गांवों में से 247 गांवों में राज्य सरकार की तत्परता से बिजली पहुंचा दी गई है। शेष 390 गांव भी मार्च, 2018 तक बिजली से रोशन होने लगेंगे। इसके लिए केंद्र के सहयोग से राज्य सरकार तेजी से हर संभव कदम उठा रही है।
उन्होंने कोरबा जिले के लिए 51 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत वाली एकीकृत ऊर्जा विकास योजना और दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना का शिलान्यास भी किया।
केंद्रीय ऊर्जा राज्य मंत्री ने आम सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के लगभग 70 साल बाद भी भारत के 18,452 गांवों में बिजली नहीं पहुंच पाई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल 15 अगस्त को इन गांवों में अगले 1,000 दिनों में बिजली पहुंचाने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप अब तक देश भर में 8,428 गांव बिजली से रोशन होने लगे हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय की यह कोशिश है कि 1,000 दिनों की बजाय 750 दिनों में ही शेष गांवों तक बिजली पहुंचाने के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया जाए।