यह ख़बर 24 अगस्त, 2013 को प्रकाशित हुई थी

बैंक प्रमुखों से विचार-विमर्श के बाद विदेशी निवेशकों से चिदंबरम की मुलाकात

खास बातें

  • वित्तमंत्री पी चिदंबरम के साथ बैंकों के शीर्ष अधिकारियों की बंद कमरे में हुई बैठक में रुपये की विनिमय दर में भारी उतार-चढ़ाव से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई।
मुंबई:

वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने शनिवार को बैंकों के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक की। बंद कमरे में हुई इस बैठक में रुपये की विनिमय दर में भारी उतार-चढ़ाव से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा की गई।

वित्तमंत्री ने बैठक के बाद वहां संवाददाताओं से कोई चर्चा नहीं की। समझा जाता है कि बैठक में चालू खाते के घाटे के लिए पूंजी की व्यवस्था के उपायों पर भी चर्चा की गई। इसके बाद चिदंबरम ने कुछ विदेशी संस्थागत निवेशकों से भी मुलाकात की।

चालू खाते के घाटे (कैड) के लिए वित्त का प्रबंध करने में विदेशी संस्थागत निवेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैंकों के साथ बैठक में वित्तमंत्री के साथ आर्थिक मामलों के सचिव अरविंद मायाराम और वित्तीय सेवा सचिव राजीव टकरू भी शामिल हुए।

बैठक में भारतीय स्टेट बैंक के प्रतीप चौधरी, आईसीआईसीआई बैंक की चंदा कोचर, एचडीएफसी बैंक के आदित्य पुरी, सिटी ग्रुप इंडिया के प्रमीत झावेरी, बैंक ऑफ इंडिया की विजय लक्ष्मी अय्यर, केनरा बैंक के आरके दुबे और स्टैंर्डर्ड चार्टर्ड इंडिया के अनुराग अदलखा और कुछ अन्य बैंकों के प्रमुख भी शामिल हुए।

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बैठक के बाद आईसीआईसीआई बैंक की प्रमुख कोचर ने संवाददाताओं से कहा, बैठक मुख्य रूप से यह विचार-विमर्श करने के लिए था कि पूंजी प्रवाह को लेकर क्या किया जा सकता है। बैठक बहुत अच्छी और सकारात्मक रही। भारतीय स्टेट बैंक के चेयरमैन चौधरी से पत्रकारों ने जब पूछा कि क्या वित्तमंत्री ने कोई निर्देश दिया है, तो उन्होंने कहा, कोई निर्देश नहीं दिया गया। केवल विचार-विमर्श किया गया।