यह ख़बर 25 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

उद्यमिता को प्रभावित करती है नकारात्मक सोच : चिदंबरम

खास बातें

  • चिदंबरम ने कहा कि अगर देश में जारी नकारात्मक सोच जारी रहती है तो वह उद्यमिता की नई लहर की शुरुआत नहीं कर पाएगा।
नई दिल्ली:

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को कहा कि अगर देश में जारी नकारात्मक सोच जारी रहती है तो वह उद्यमिता की नई लहर की शुरुआत नहीं कर पाएगा। उनके अनुसार ऐसा लगता है कि नकारात्मकता की सोच ने देश को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। चिदंबरम यहां एस रामादुरई की किताब 'टीसीएस स्टोरी एंड बेयांड' का विमोचन कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'हमने अगर नकारात्मक सोच को पालना जारी रखा तो हम उद्यमिता व उद्यम निर्माण की नई लहर शुरू नहीं कर पाएंगे।' उन्होंने 1975 ओर 1985 के बीच भारत में आर्थिक हालात का ज्रिक करते हुए कहा कि देश को पता है कि उसके पास क्या प्रणाली थी और उसे किस तरह से हटाया गया। चिदंबरम ने कहा कि अगर आज निवेश नहीं आता है तो भारत को आने वाले वर्षों में भारी नकारात्मक असर का सामना करना पड़ेगा।


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