खास बातें
- इसके साथ ही नियामक ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी एक घंटे में चैनल 12 मिनट के विज्ञापन नहीं दिखा पाता है, तो वह इसे आगे नहीं ले जा पाएगा।
नई दिल्ली: टेलीविजन चैनल अब एक घंटे में 12 मिनट से अधिक के विज्ञापन नहीं दिखा सकेंगे।
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) के नए दिशानिर्देशों में कहा गया है कि सेवा नियमन 2012 के गुणवत्ता के मानक के अनुसार, ‘टीवी चैनलों में विज्ञापनों की अवधि एक घंटे में 12 मिनट तय की गई है।’ इसके साथ ही नियामक ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी एक घंटे में चैनल 12 मिनट के विज्ञापन नहीं दिखा पाता है, तो वह इसे आगे नहीं ले जा पाएगा। यानी प्रत्येक घंटे में वह 12 मिनट से अधिक के विज्ञापन नहीं दिखा सकेगा।
ट्राई के बयान में कहा गया है कि दो लगातार विज्ञापन ब्रेक के बीच का समय 15 मिनट से कम का नहीं होना चाहिए। वहीं फिल्म के प्रसारण के समय यह अंतर कम से कम 30 मिनट का होना चाहिए।
इसके साथ ही नियामक ने स्पष्ट किया है कि किसी खेल आयोजन के सीधे प्रसारण के समय ये शर्तें लागू नहीं होंगी। ट्राई ने कहा है कि सीधे प्रसारण के समय विज्ञापन सिर्फ ब्रेक के दौरान दिखाए जा सकेंगे। बयान में कहा गया है कि दर्शकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह भी तय किया गया है कि कोई भी विज्ञापन पूरी स्क्रीन का होगा।
दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए विज्ञापन प्रसारण के दौरान ऊंची आवाज के इस्तेमाल की संभावना को भी नियामक ने खत्म कर दिया है। नियामक ने कहा है कि टीवी चैनलों पर विज्ञापन में आडियो का स्तर चैनल पर प्रसारित होने वाले कार्यक्रमों से ऊंचा नहीं हो सकता।