अटल पेंशन योजना में योगदान के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये जारी किए

अटल पेंशन योजना में योगदान के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये जारी किए

सांकेतिक तस्वीर

खास बातें

  • पंजीकृत व्यक्ति के योगदान का 50 फीसदी सरकार जमा कराती है
  • रोजाना 5,000 नए ग्राहक अटल पेंशन योजना से जुड़ रहे हैं
  • अटल पेंशन योजना में 16.96 लाख पंजीकृत लोग इस लाभ के पात्र
नई दिल्ली:

सरकार ने साल 2015-16 में अटल पेंशन योजना में सह-योगदान के वास्ते 100 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। अटल पेंशन योजना के तहत 31 मार्च 2016 से पहले पंजीकरण कराने वाले व्यक्ति को सरकार की तरफ से भी सहयोग प्राप्त होगा।

यह राशि पंजीकृत व्यक्ति द्वारा दी जाने वाली राशि का 50 प्रतिशत होगी अथवा अधिकतम 1,000 रुपये होगी। सरकार की तरफ से सहयोग राशि 2015-16 से 2019-20 तक पांच साल तक दी जाएगी।

वित्त मंत्रालय के नई दिल्ली में जारी वक्तव्य के मुताबिक, 'भारत सरकार ने पीएफआरडीए के जरिए साल 2015-16 के दौरान अटल पेंशन योजना के तहत पंजीकृत पात्र 16.96 लाख लोगों के लिए 99.57 करोड़ रुपये का सह-योगदान जारी किया है।'

वक्तव्य में कहा गया है कि अटल पेंशन योजना के पंजीकृत व्यक्तियों में से किसी का भी यदि मार्च 2016 तक कोई योगदान लंबित है तो उसके खाते में सरकार की तरफ से मदद नहीं दी जाएगी।

'ऐसे लोगों को पीएफआरडीए द्वारा अपने पेंशन खाते को नियमित रखने की सलाह दी जा रही है, ताकि उनके खाते में सरकार की तरफ से सितंबर तक सह-योगदान प्राप्त हो जाए। पीएफआरडीए इस योजना का पेंशन कोष नियामक है।'

सरकार की तरफ से योगदान तभी देय होगा, जब पेंशन खाता नियमित होगा और खाता धारक के बचत बैंक खाते में ही इसका भुगतान किया जाएगा। सरकार अटल पेंशन योजना को बैंकों और डाक विभाग के जरिए क्रियान्वित कर रही है।

इस साल 30 जून की स्थिति के अनुसार अटल पेंशन योजना के तहत पंजीकृत ग्राहकों की संख्या 30 लाख को पार कर गई है और रोजाना 5,000 नए ग्राहक इससे जुड़ रहे हैं।

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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