खास बातें
- केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संगठन ने बुधवार को सातवें वेतन आयोग के गठन की सरकार की घोषणा का स्वागत किया, साथ मांग की कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2011 से लागू की जाएं।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के संगठन ने बुधवार को सातवें वेतन आयोग के गठन की सरकार की घोषणा का स्वागत किया, साथ मांग की कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी, 2011 से लागू की जाएं। सातवां वेतन आयोग करीब 80 लाख कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतनमान, भत्ते और पेंशन में संशोधन पर विचार करेगा।
कंफेडरेशन ऑफ सेंट्रल गवर्नमेंट एंप्लाइज एंड वर्कर्स के अध्यख के केएन कुट्टी ने कहा, हम सरकार की सातवें वेतन आयोग के गठन की पहल का स्वागत करते हैं, लेकिन हमारी एक मांग है। इसे 1 जनवरी, 2011 से लागू किया जाना चाहिए, जैसा कि सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों के मामले में होता है, जिनका वेतनमान हर पांच साल में संशोधित किया जाता है।
इससे पहले, दिन में वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सातवें वेतन आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और इसके सुझाव 1 जनवरी, 2016 से लागू हो सकते हैं। कुट्टी ने कहा कि चर्चा के दौरान कंफेडरेशन महंगाई भत्ते का 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन में शामिल करने की मांग करेगा। यह किसी वेतन आयोग के गठन की पूर्व शर्त होती है। आम तौर पर केंद्र सरकार साल में दो बार मंहगाई भत्ता बढ़ाती है, ताकि कर्मचारियों को महंगाई से राहत मिल सके।