यह ख़बर 09 अगस्त, 2014 को प्रकाशित हुई थी

सीबीआई ने किंगफिशर एयरलाइंस, आईडीबीआई बैंक के खिलाफ जांच शुरू की

फाइल फोटो

नई दिल्ली:

सीबीआई ने किंगफिशर एयरलाइंस की नकारात्मक क्रेडिट रेटिंग तथा नेटवर्थ की अनदेखी कर आईडीबीआई बैंक द्वारा कंपनी को 950 करोड़ रुपये के कर्ज देने के मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की है।

सीबीआई सूत्रों ने कहा कि बैंक संकट में घिरी कंपनी को कर्ज देने के मामले में संतोषजनक उत्तर देने में विफल रहा है।

मामले की जांच कर रहे सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'किंगफिशर को कर्ज देने वाले बैंकों के समूह से बाहर यह पहला बैंक है जिसने कर्ज दिया। जब समूह के अन्य बैंकों के कर्ज फंसे हैं तब समूह से बाहर के किसी बैंक को कर्ज देने की आवश्यकता नहीं थी।'

सीबीआई के इस आरोप पर आईडीबीआई बैंक के चेयरमैन से इस बारे में फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है।

सूत्रों ने कहा कि विजय माल्या द्वारा प्रवर्तित यूबी समूह की कंपनी किंगफिशर एयरलाइंस तथा आईडीबीआई बैंक के वरिष्ठ अधिकारियों से जल्द ही पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर बैंक ने अपनी आंतरिक रिपोर्ट की अनदेखी कर एयरलाइंस को कर्ज क्यों दिया। आंतरिक रिपोर्ट में इस प्रकार के कदम को लेकर चेतावनी दी गई थी।

कर्ज में डूबी किंगफिशर एयरलाइंस ने अक्तूबर 2012 से परिचालन बंद कर रखा है।

यूबी समूह के उपाध्यक्ष (कारपोरेट कम्युनिकेशंस) प्रकाश मिरपुरी से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हमें इस बारे में कोई पत्र नहीं मिला है और हम इस प्रकार की जांच से अनभिज्ञ हैं।'

सीबीआई सू़त्रों ने कहा कि एजेंसी ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा विभिन्न कंपनियों को दिए गए फंसे कर्ज के संदर्भ में 27 मामले दर्ज किए हैं। जो मामले दर्ज किए गए हैं, उसमें दो ताजा मामले भूषण स्टील तथा प्रकाश इंस्ट्रीज के खिलाफ हैं। इसमें सिंडिकेट बैंक के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक को इन कंपनियों द्वारा कथित तौर पर रिश्वत दिए जाने से जुड़े हैं।

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किंगफिशर के ऊपर 17 बैंकों के समूह का 7,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इसमें सबसे ज्यादा कर्ज भारतीय स्टेट बैंक का 1,600 करोड़ रुपये का है। समूह में पंजाब नेशनल बैंक का किंगफिशर एयरलाइन पर 800 करोड़ रुपये का बकाया है। बैंक ऑफ इंडिया का 650 करोड़ रुपये और बैंक ऑफ बड़ौदा का 550 करोड़ रुपये बकाया है। यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का 430 करोड़, सैंट्रल बैंक का 410 करोड़, यूको बैंक का 320 करोड, रुपये, कॉर्पोरेशन बैंक का 310 करोड़, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर का 150 करोड़ रुपये, इंडियन ओवरसीज बैंक का 140 करोड़ रुपये, फैडरल बैंक का 90 करोड़, पंजाब एण्ड सिंध बैंक का 60 करोड़ और एक्सिस बैंक का 50 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।