यह ख़बर 10 मई, 2013 को प्रकाशित हुई थी

अप्रैल में भी कार बिक्री 'बैक गियर' में, लगातार छठे महीने गिरावट

खास बातें

  • वाहन निर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स ने 1997-98 से जब से आंकड़े इकट्ठा करने शुरू किए हैं, तब से अब तक लगातार गिरावट की यह सबसे लंबी अवधि है।
नई दिल्ली:

उपभोक्ता के रुझान में कमी, ऊंची ब्याज दर और मांग को प्रभावित करने वाले अन्य आर्थिक कारकों की वजह से मांग को प्रभावित करने के मद्देनजर भारत में कारों की बिक्री लगातार छठे महीने अप्रैल में घटी।

वाहन विनिर्माताओं के संगठन सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चर्स (सियाम) ने 1997-98 से जब से आंकड़े इकट्ठा करने शुरू किए हैं, तब से अब तक लगातार गिरावट की यह सबसे लंबी अवधि है। सियाम द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक घरेलू बाजार में कारों की बिक्री 10.43 प्रतिशत घटकर 1,50,789 इकाई रह गई, जो पिछले साल के इसी महीने में 1,68,354 इकाई थी।

सियाम के उप महानिदेशक सुगतो सेन ने संवाददाताओं से कहा, कमजोर उपभोक्ता रुझान से कारों की बिक्री प्रभावित हो रही है। बजट ने बाजार के रुझान में सुधार के लिए कुछ नहीं किया। यह छठा महीना है, जबकि हम कारों की बिक्री में गिरावट देख रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इससे पहले घरेलू बाजार में कारों की बिक्री की गिरावट की सबसे लंबी अवधि मार्च, 2002 से जुलाई, 2002 रही है। सेन ने कहा, भारत में कारों की बिक्री पिछले साल नवंबर से घट रही है। सियाम 1997-98 से इन आंकड़ों का आकलन कर रहा है, लेकिन हमने अब तक कार बिक्री में लगातार गिरावट की इतनी लंबी अवधि नहीं देखी।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

उन्होंने कहा, हालांकि पेट्रोल की कीमत में पिछले महीने हुई तीन रुपये प्रति लीटर की कटौती सकारात्मक संकेत है, लेकिन हाल में हुई आंशिक कमी के बावजूद ऊंची ब्याज दर जैसे अन्य कारक मांग को प्रभावित कर रहे हैं। इससे पहले वाहन ऋण पर ब्याज दर 11-15 प्रतिशत थी। आने वाले दिनों में संभावनाओं के संबंध में सेन ने कहा, बिक्री में गिरावट अगले दो महीने और जारी रहने की आशंका है।