यह ख़बर 09 मई, 2011 को प्रकाशित हुई थी

भारतीय कार उद्योग की वृद्धि दर न्यूनतम स्तर पर

खास बातें

  • देश में कारों की बिक्री इस बार अप्रैल महीने में 13.18 प्रतिशत रही। यह पिछले 22 महीने में इस उद्योग की न्यूनतम वृद्धि दर है।
New Delhi:

देश में कारों की बिक्री इस बार अप्रैल महीने में 13.18 प्रतिशत रही। यह पिछले 22 महीने में इस उद्योग की न्यूनतम वृद्धि दर है। बाजार के लोगों के अनुसार कर्ज पर ब्याज दरों में वृद्धि और उपभोक्ताओं के आत्मविश्वास में कमी का असर वाहन की बिक्री पर पड़ा है। वाहन कंपनियों के संगठन, सोसाइटी ऑफ इंडियन ओटोमोबाइल मैनुफैर्क्‍स (सियाम) के जारी आंकड़ों के अनुसार घरेलू यात्री कारों की बिक्री अप्रैल महीने में 1,62,825 इकाई रही। पिछले वर्ष अप्रैल की बिक्री 1,43,862 थी। सियाम के वरिष्ठ निदेशक सुगातो सेन ने संवाददाताओं से कहा, अप्रैल-2011 की वृद्धि दर जून 2009 के बाद सबसे कम है। उस समय वृद्धि दर 8.23 प्रतिशत थी। इस समय आर्थिक मानकों के अस्थिर होने से उपभोक्ताओं का विश्वास डिगा हुआ है। उन्होंने कहा कि ब्याज दरों में वृद्धि के साथ कच्चे माल के दाम बढ़ने से वाहन कीमत में वृद्धि से भी लोग कार खरीदने की योजना टाल रहे हैं। विभिन्न श्रेणियों के वाहनों की बिक्री अप्रैल महीने में 22.80 प्रतिशत बढ़कर 13,38,564 इकाई रही जो पिछले साल के इसी महीने में 10,90,041 इकाई थी। यात्री कार श्रेणी में मारूति सुजुकी की बिक्री आलोच्य महीने में 7.63 प्रतिशत बढ़कर 73,905 इकाई रही। प्रतिद्वंद्वी कंपनी हुंदै मोटर इंडिया की बिक्री 10.89 प्रतिशत बढ़कर 31,604 इकाई रही। घरेलू कंपनी टाटा मोटर्स की यात्री कारों की बिक्री 1.10 प्रतिशत घटकर 19,544 इकाई रही।


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