नई दिल्ली:
सरकार ने विनिवेश के बड़े अभियान को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को कोल इंडिया, ओएनजीसी और एनएचपीसी में हिस्सेदारी बिक्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इन सार्वजनिक उपक्रमों के विनिवेश से सरकार को 43,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक के बाद आधिकारिक सूत्र ने बताया कि ओएनजीसी, कोल इंडिया व एनएचपीसी के विनिवेश प्रस्ताव को सीसीईए ने मंजूरी दे दी है।
मौजूदा बाजार मूल्य के हिसाब से कोल इंडिया में हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को 23,000 करोड़ रुपये, ओएनजीसी के विनिवेश से 18,000 करोड़ रुपये व एनएचपीसी की हिस्सेदारी बिक्री से 2,800 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। इससे सरकार चालू वित्त वर्ष के 43,425 करोड़ रुपये का विनिवेश लक्ष्य हासिल कर पाएगी।
सीसीईए ने कोल इंडिया में 10 प्रतिशत, ओएनजीसी में 5 प्रतिशत व एनएचपीसी में 11.36 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री को मंजूरी दी है। सूत्रों ने बताया कि इन कंपनियों में विनिवेश बिक्री पेशकश (ओएफएस) मार्ग से किया जाएगा। सरकार ओएनजीसी व एनएचपीसी के विनिवेश के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकरों का चयन पहले ही कर चुकी है। कोल इंडिया के लिए मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है।