Click to Expand & Play
खास बातें
- वित्तमंत्री ने बजट में आम करदाताओं को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा को मौजूदा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया है।
नई दिल्ली: वित्तमंत्री ने बजट में आम करदाताओं को राहत देते हुए आयकर छूट की सीमा को मौजूदा 1.80 लाख रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये कर दिया है। अब दो लाख रुपये की आमदनी पर कोई कर नहीं लगेगा। दो लाख से पांच लाख रुपये तक 10 प्रतिशत की दर से आयकर देना होगा, जबकि पांच लाख से 10 लाख पर 20 प्रतिशत और 10 लाख से ऊपर की आमदनी पर 30 प्रतिशत कर चुकाना होगा। आयकर छूट की सीमा बढ़ाए जाने से दो लाख तक की आय पर करदाताओं को 2060 रुपये की बचत होगी, जबकि दो से आठ लाख तक की आय पर भी इतनी ही रकम का फायदा होगा। आठ से 10 लाख तक की आमदनी वालों को अधिकतम 22,660 रुपये की बचत होगी। 10 लाख से अधिक की आय पर भी यही बचत रहेगी।
वित्तमंत्री ने सर्विस टैक्स को 10 से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने का ऐलान किया। एक्साइज ड्यूटी भी दो प्रतिशत बढ़ा दी गई है। आयातित सोना, प्लैटिनम, हीरा, विदेशी साइकिलें, सिगरेट, हवाई सफर, होटलों में खाना, बड़ी कारें, और साधारण टीवी-फ्रिज महंगे हो गए हैं, जबकि एलसीडी और एलईडी टीवी सस्ते होंगे। इसके अलावा एचआईवी और कैंसर की दवाएं, माचिस और नमक भी सस्ती हो जाएंगी।
आम लोगों के घर के सपने को साकार करने के लिए वित्तमंत्री ने 25 लाख रुपये से कम के होम लोन पर ब्याज में एक फीसदी की छूट का ऐलान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि सस्ते मकान बनाने के लिए बिल्डर विदेशों से भी कर्ज ले सकेंगे। वित्तमंत्री ने किसानों को 5.75 लाख करोड़ का कर्ज देने का ऐलान करते हुए दूसरी हरित क्रांति के लिए 1000 करोड़ खर्च किए जाने की भी घोषणा की। इसके साथ ही समय पर लोन चुकाने वाले किसानों को 3 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। किसान क्रेडिट कार्ड को अब एटीएम की तरह इस्तेमाल किया जा सकेगा।
वित्तमंत्री ने कहा कि इस साल सात लाख 71 हजार करोड़ रुपये का टैक्स जुटाया गया, जो अनुमान से 15 प्रतिशत ज्यादा है। उन्होंने कहा कि अगले साल 14 लाख 90 हजार 425 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। सरकार का घाटा लक्ष्य से सवा फीसदी ज्यादा है। विदेश में रखी संपत्ति और दो लाख रुपये से अधिक के सोने-चांदी की खरीद की जानकारी आयकर विभाग को देना अनिवार्य होगा।
वित्तमंत्री ने रक्षा बजट के मद में एक लाख 93 हजार 407 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। शिक्षा के अधिकार के लिए 25,555 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों को कर्ज देने के लिए नाबार्ड को सरकार 10 हजार करोड रुपये मुहैया कराएगी। दिसंबर, 2012 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली नेटवर्क का कंप्यूटरीकरण कर दिया जाएगा। मिड डे मील योजना के लिए 11,937 करोड़ और सबला योजना के लिए 7050 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया। गांवों में पानी और टॉयलेट की सुविधा के विस्तार के लिए 14000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। एम्स की तर्ज पर सात नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे। शिक्षा कर्ज के लिए अलग से फंड की व्यवस्था की जाएगी।
विकलांग और विधवा पेंशन को 200 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। स्वयं सहायता महिला समूह के तीन लाख रुपये तक के बैंक कर्ज सात प्रतिशत ब्याज दर पर दिए जाएंगे और समय पर कर्ज लौटाने वालों को चार प्रतिशत पर कर्ज मिलेगा। दिसंबर, 2012 तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली नेटवर्क का कंप्यूटरीकरण कर दिया जाएगा। मिड डे मील योजना के लिए 11,937 करोड़ और सबला योजना के लिए 7050 करोड़ रुपये के आवंटन का ऐलान किया। गांवों में पानी और टॉयलेट की सुविधा के विस्तार के लिए 14000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
सब्सिडी के मुद्दे पर वित्तमंत्री ने कहा कि सब्सिडी का फायदा सीधे ग्राहकों को मिले और कुछ चीजों पर सब्सिडी अब गैर-जरूरी है। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने के दौरान 50 जिलों में रसोई गैस, केरोसिन की सब्सिडी लाभार्थी के बैंक खाते में डालने की शुरुआत होगी। अगले तीन साल में केंद्रीय सब्सिडी घटाकर जीडीपी के 1.7 प्रतिशत तक लाने की कोशिश होगी। वित्तमंत्री ने राजीव गांधी इक्विटी सेविंग स्कीम शुरू करने का ऐलान किया, जिससे 10 लाख रुपये से कम आय वालों को फायदा होगा।
मुखर्जी ने कहा कि विनिवेश के 40 हजार करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 2011-12 में केवल 14 हजार करोड़ रुपये ही जुटाये जा सके। उन्होंने 2012-13 में विनिवेश से 30 हजार करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में 15,888 करोड़ रुपये की पूंजी डालने का ऐलान किया, साथ ही 60 हजार करोड़ के इंफ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी किए जाने की भी घोषणा की। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के लिए वित्तीय होल्डिंग कंपनी बनाने का प्रस्ताव भी रखा।
प्रणब ने घरेलू अर्थव्यवस्था की स्थिति में सुधार, निवेश में सुधार, विभिन्न क्षेत्रों में विकास की बाधाओं को दूर करना, 200 जिलों में कुपोषण की समस्या को दूर करना और सुशासन तथा काले धन के खिलाफ कदम को बजट के पांच उद्देश्य गिनाए।
अपने बजट भाषण में उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पर वैश्विक हालातों का काफी असर रहा, फिर भी अन्य देशों के मुकाबले हमने बेहतर प्रगति की और वित्तवर्ष 2011-12 में जीडीपी की वृद्धि दर 6.9 प्रतिशत रहने की उम्मीद है। प्रणब ने कहा कहा कि पूरे साल महंगाई काफी ऊंची रही और अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए कठोर फैसले लेने जरूरी हैं। आयात-निर्यात के मोर्चे पर प्रदर्शन बेहतर रहा और देश के सकल निर्यात में एशिया-आसियान देशों का हिस्सा 2000-01 के 33.3 प्रतिशत से बढ़कर 53.7 प्रतिशत हुआ।