ब्रिक्स देशों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर जोर

विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक के अंत में जारी एक संयुक्त बयान में एक मजबूत वैश्विक वित्तीय सुरक्षा आवरण पर भी जोर दिया गया, जिसके केंद्र में कोटा-आधारित और पर्याप्त संसाधनों वाला अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) हो.

ब्रिक्स देशों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल पर जोर

अंतरराष्ट्रीय व्यापार में स्थानीय मुद्रा पर जोर.

केपटाउन:

ब्रिक्स देशों ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वित्तीय लेन-देन में स्थानीय मुद्राओं के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया. साथ ही इन देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) ने नियम आधारित खुले एवं पारदर्शी वैश्विक व्यापार के लिए प्रतिबद्धता जताई.

विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के ब्रिक्स मंत्रियों की बैठक के अंत में जारी एक संयुक्त बयान में एक मजबूत वैश्विक वित्तीय सुरक्षा आवरण पर भी जोर दिया गया, जिसके केंद्र में कोटा-आधारित और पर्याप्त संसाधनों वाला अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) हो.

बयान के मुताबिक कोटा की 16वीं सामान्य समीक्षा के तहत आईएमएफ व्यवस्था की सुधार की प्रक्रिया को 15 दिसंबर, 2023 तक पूरा किया जाना चाहिए. इसमें नया कोटा फॉर्मूला अपनाने की बात भी कही गई.

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मंत्रियों ने 'द केप ऑफ गुड होप' शीर्षक वाले संयुक्त बयान में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के साथ मुक्त, खुले, पारदर्शी, समावेशी, न्यायसंगत, गैर-भेदभावपूर्ण और नियम-आधारित बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को अपना समर्थन दिया.
 



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)