यह ख़बर 19 अक्टूबर, 2011 को प्रकाशित हुई थी

कालाधन : घरेलू स्तर पर 30,700 संदेहास्पद लेनदेन की सूचना

खास बातें

  • कालेधन और कर अपवंचना से जुड़ी जानकारियां पाने के लिए सरकार ने 81 देशों के साथ दोहरे कराधान से बचाव संधि का संशोधन किया है।
नई दिल्ली:

सरकार ने बुधवार को कहा कि कालेधन का पता लगाने और उसे निकाल बाहर करने के लिए पिछले दो साल के दौरान किए गए प्रयास रंग लाने लगे हैं और इस दौरान भारतीयों द्वारा विदेश में और घरेलू स्तर पर होने वाले संदेहास्पद लेनदेन की कई जानकारियों मिली हैं और संबंधित एजेंसियां इनकी जांच पड़ताल कर रही हैं। कालेधन और कर अपवंचना से जुड़ी जानकारियां पाने के लिए सरकार ने 81 देशों के साथ दोहरे कराधान से बचाव संधि का संशोधन किया है और कर चोरों की पनाहगाह माने जाने वाले चार देशों के साथ कर सूचना आदान प्रदान समझौता किया है। वित्तमंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को आर्थिक संपादकों के सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा विदेशों भारतीयों के संदेहास्पद लेनेदन के मामले में 9,900 सूचनायें मिलीं हैं। इन पर जांच पड़ताल की जा रही जो विभिन्न स्तरों पर हैं। मुखर्जी ने बताया कि भारतीय एजेंसियों ने 333 मामलों में विभिन्न देशों से सूचनायें पाने के लिये विशेष आग्रह किया है। इनमें 220 आग्रह केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड :सीबीडीटी: की विदेशी कर शाखा ने और 113 सूचना आग्रह वित्तीय आसूचना इकाई ने किये हैं। वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि कंपनियों द्वारा ट्रांसफर प्राइसिंग :विदेशी कंपनियों के साथ उत्पादों के दामों के बारे में गलत सूचना: के आधार पर कर चोरी के मामले में पिछले दो वित्त वषरे में 34,415 करोड़ रुपये की कर चोरी पकड़ी गई। इसके अलावा सीबीडीटी ने पिछले दो वित्त वर्ष में 18,750 करोड़ रुपये की छुपाई गई आय का भी पता लगाया। चालू वित्त वर्ष के पहले पांच माह में 3,014 अप्रकट आय का पता लगाया गया। उन्होंने बताया कि इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय कराधान निदेशक ने सीमापार होने वाले लेनदेन से पिछले दो वित्त वर्ष में 33,784 करोड़ रुपये की कर वसूली की गई।


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