खास बातें
- एयरटेल के ब्रांडनाम से दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने वाले भारती समूह ने 2006-07 और 2007-08 में अपनी आय को कथित रूप से कम दिखाया है।
New Delhi: एयरटेल के ब्रांडनाम से दूरसंचार सेवाएं उपलब्ध कराने वाले भारती समूह ने 2006-07 और 2007-08 में अपनी आय को कथित रूप से कम दिखाया है और इसके मद्देनजर दूरसंचार मंत्रालय उससे वसूली के लिए डिमांड नोटिस जारी करने वाला है। मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि दूरसंचार विभाग ने डिमांड नोटिस तैयार कर उसे कानूनी दृष्टि से आकलन के लिए भेजा है। इस बीच विभाग भारती समूह की कंपनियों पर लाइसेंस की शर्तों के हिसाब से राजस्व के बकाए की गणना कर रहा है। दूरसंचार विभाग ने 2006-07 और 2007-08 के लिए भारती एयरटेल तथा इसकी सम्बद्ध कंपनियों के खातों की विशेष ऑडिट की ताकि उनकी समायोजित सकल आय :एजीआर: का सत्यापन किया जा सके। ऑडिटर ने अपनी रपट साल भर पहले सौंपी थी जिसमें इनके बहीखातों संबंधी विवरण में कुछ विसंगितयों का उल्लेखन किया गया था। इनमें से कुछ के मामले दूरसंचार न्यायाधिकरण - टीडीसैट में लंबित हैं। सूत्रों के अनुसार विशेष ऑडिट में भारती पर लगभग 100 करोड़ रुपये का बकाया निकलता है। कंपनी का दावा है कि उसके खाते स्पष्ट हैं और यह बकाया आय की कुछ मदों की व्याख्या में अंतर के कारण है। उल्लेखनीय है कि विभाग ने वोडाफोन एस्सार, आरकॉम, आइडिया सेल्यूलर तथा टाटा टेलीसर्विसेज की भी विशेष आडिट भी कराई थी। इन सभी के बारे में आडिट रपट मिल चुकी है और दूरसंचार विभाग भारती समूह की तरह इन कंपनियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का विचार कर रहा है।