यह ख़बर 12 जून, 2014 को प्रकाशित हुई थी

ब्यास हादसा : दो और शव बरामद

फाइल फोटो

मंडी:

हिमाचल प्रदेश में राहत दल ने गुरुवार को मंडी शहर के करीब ब्यास नदी से दो और छात्रों का शव बरामद कर लिया। पिछले रविवार को हैदराबाद के एक इंजीनियरिग कॉलेज के 24 विद्यार्थियों का एक दल नदी के तेज प्रवाह में बह गया था।

पुलिस ने बताया कि हादसे में मारे गए विद्यार्थियों की संख्या आठ हो गई है। 16 विद्यार्थी व टुअर गाइड अभी भी लापता हैं। गुरुवार को मिले शव की शिनाख्त टी. उपेंद्र व गुनूर अरविंद कुमार के रूप में हुई है।

हादसे को चार दिन बीत चुके हैं, इसके बावजूद लापता विद्यार्थियों को खोजने के लिए अलग-अलग एजेंसियों के 550 से अधिक बचावकर्ता अब भी व्यापक तलाशी अभियान में जुटे हुए हैं। बुधवार को बारिश ने बचाव अभियान में रोड़े अटकाए।

तेलंगाना के गृहमंत्री नयानी नरसिम्हा रेड्डी हादसे के बाद से यहां डेरा डाले हुए हैं। उन्होंने बताया, "मैं बचाव अभियान से संतुष्ट हूं, वे अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं।"

इस बीच तेलंगाना के सांसद एपी जितेंद्र रेड्डी भी यहां पहुंच गए हैं। हादसा रविवार शाम उस समय हुआ जब मनाली दौरे पर आया एक विद्यार्थी दल करीबी जल विद्युत परियोजना प्रबंधन द्वारा नदी में बिना किसी चेतावनी के छोड़े गए पानी में बह गया।

पुलिस ने लापरवाही बरतने और दूसरों की जिंदगी खतरे में डालने के लिए 126 मेगावाट वाले लारजी पनबिजली परियोजना के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह मामला नदी के लिए पानी छोड़े जाने से पूर्व परियोजना अधिकारियों द्वारा चेतावनी के लिए भोंपू न बजाए जाने के आधार पर दर्ज किया गया है।

इस बीच, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एम. शशिधर रेड्डी राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा चलाए जा रहे बचाव और तलाशी अभियान का निरीक्षण करने के लिए गुरुवार को घटनास्थल पर पहुंच गए। घटनास्थल राजधानी शिमला से करीब 200 किलोमीटर दूर है।

तलाशी के काम में एनडीआरएफ के 20 व सेना के 18 गोताखोर लगाए गए हैं, जो लारजी पनबिजली परियोजना बांध से पंडोह बांध की 15 किलोमीटर जलधारा पर छात्रों को तलाश रहे हैं।

रेड्डी ने कहा, "हमारे गोताखोर न्यून दृश्यता की समस्या झेल रहे हैं। नदी का तल कीचड़ और बालू से भरा हुआ है। इसके अंदर शिलाखंड और पत्थर भी हैं।"

बुधवार को पानी के अंदर विशेष कैमरा लगाया गया है।

रेड्डी ने कहा, "पानी के अंदर मौजूद कैमरा सफल नहीं हुआ है। अब हम मानवरहित उपकरण शुक्रवार को लगाने की तैयारी कर रहे हैं।"

रेड्डी ने कहा, "तलाशी अभियान में एनडीआरएफ के 15 और गोताखोर शामिल होंगे। इससे उनकी संख्या 39 हो जाएगी। हम उनकी जरूरतों का समय समय पर समीक्षा कर रहे हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो और लोग इस काम में शामिल होंगे।"

रेड्डी ने कहा कि यह इस तरह का पहला खोजी अभियान है।

उन्होंने कहा कि आठ में से अधिकांश शव दुर्घटनास्थल के नजदीक मिले हैं जो पत्थर के नीचे दबे थे या बालू में धंसे हुए थे।

गुरुवार को मिले टी उपेंद्र का शव दुर्घटनास्थल के पास पत्थर में फंसा हुआ था।

रेड्डी ने कहा, "गुरुवार से हम और शवों के पाए जाने की उम्मीद कर रहे हैं, शवों के फूल जाने पर वह पानी के ऊपर आ जाएंगे। लेकिन पानी के ठंडा होने की वजह से इसमें एक या दो दिन और लगेगा।"

विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम व ठंडे पानी की वजह से शवों के खराब होने की रफ्तार धीमी है।

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

ब्यास नदी की तेज धारा की चपेट में आने वाले छात्र हैदराबाद के इंजीनियरिंग कॉलेज वीएनआर विग्नाना ज्योति इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के थे, जो मनाली घूमने आए थे।