खास बातें
- रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख दरों में वृद्धि किए जाने से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 463 अंक की जबर्दस्त गिरावट के साथ बंद हुआ।
मुंबई: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा प्रमुख नीतिगत दरों में वृद्धि तथा आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाए जाने से बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स 463 अंक की जबर्दस्त गिरावट के साथ बंद हुआ। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 463.33 अंक की गिरावट के साथ 18,534.69 अंक पर बंद हुआ। इससे पहले, पिछले छह कारोबारी सत्रों में इसमें 604 अंक की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 136.05 अंक या 2.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 5,565.25 अंक पर बंद हुआ। मुद्रास्फीति पर शिकंजा कसने के लिए रिजर्व बैंक ने रेपो और रिवर्स दरों में 0.50 प्रतिशत की वृद्धि की। साथ ही वहीं आर्थिक वृद्धि दर का अनुमान घटाकर 8 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक के इस कदम से सभी खंडों के शेयरों पर बिकवाली दबाव देखा गया। ब्याज दर से संबद्ध बैंक, जमीन-जायदाद और वाहन खंड के शेयरों में ज्यादा बिकवाली दबाव देखा गया। सेंसेक्स गिरावट के साथ 18,979 पर खुला और बाद में यह 19,024 से 18,502 अंक के दायरे में रहा। अंतत: यह 2.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की सतत बिकवाली से भी बाजार धारणा पर असर पड़ा। अस्थायी आंकड़ों के अनुसार एफआईआई ने 261.03 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों ने कल 150.52 करोड़ रुपये के शेयर बेचे थे। मोतीलाल ओसवाल के वरिष्ठ विश्लेषक पराग डाक्टर ने कहा, सेंसेक्स 463 अंक गिरकर 6 सप्ताह के निम्न स्तर पर बंद हुआ। बैंक, वाहन तथा रीयल्टी जैसे ब्याज दर से संबद्ध क्षेत्रों के शेयरों में तीव्र गिरावट दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, बाजार में ऐसी आशंका है कि रिजर्व बैंक मुद्रास्फीति पर अंकुश लगाने के लिए आगे भी ब्याज दरें बढ़ा सकता है।