नई दिल्ली: अरबों रुपये के लोन डिफॉल्टर विजय माल्या ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर पूछा किया है कि उनका पासपोर्ट क्यों निलंबित किया गया। माल्या ने कहा कि वो भागे नहीं हैं, लेकिन केंद्र का कदम साफ कर रहा है कि उनके खिलाफ बेवजह मामला चलाया गया है। ऐसा साफ तौर पर मीडिया ट्रायल की वजह से हुआ है।
विदेशों में संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे
माल्या ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट को बैंकों की याचिका खारिज करनी चाहिए, क्योंकि किसी भी कोर्ट ने बैंकों को कोई आदेश नहीं दिया है। माल्या ने कहा कि बैंकों को उनकी संपत्ति का ब्योरा मांगने का कोई अधिकार नहीं है। माल्या ने हलफनामे में कहा है कि वो विदेशों में अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं देंगे, क्योंकि NRI को ऐसा नहीं करना होता है।
यहां तक कि इनकम टैक्स में भी ये ब्योरा नहीं दिया जाता।
9 हजार करोड़ का लोन होने की बात गलत
माल्या ने कहा कि उन पर जानबूझकर डिफॉल्टर होने का आरोप गलत है। उनके अनुसार एयरलाइंस को कई व्यावसायिक कारणों से घाटा हुआ, जो उनके नियंत्रण से बाहर था। उन्होंने यह भी कहा कि बैंकों ने उन पर 9 हजार करोड़ का लोन होने की जो बात कही है, वो गलत है।