आरबीआई ने नया सर्कुलेशन जारी किया.
नई दिल्ली: 2016 ने नोटबंदी के फैसले के बाद जिस तरह की अफरा-तफरी का माहौल बना था उससे सबक लेते हुए आरबीआई ने इस बार 2000 के नोट को प्रचलन से बंद करने के फैसले के साथ ही कुछ बातों पर बैंकों को गाइडलान जारी करते हुए आगाह किया है. बैंकों को आरबीआई की ओर से निर्देश दिया गया है कि वे इस बात को ध्यान से अपने खातों में नोट करें कि कितने नोट जमा किए गए और कितने नोट बदले गए. यानि कितने नोटों को बैंकों में जमा किया गया और कितने नोटों को उसके एवज में वापस किया गया. साथ ही, इस बार जो बात आरबीआई ने कही है वह गौर करने की है. 2016 में लोगों को लाइन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था. आरबीआई ने साफ किया कि अभी 2000 रुपये के नोट लीगल टेंडर हैं यानि इस ये प्रयोग में लाए जा सकते हैं .
साथ ही आरबीआई ने देखा था कि किस प्रकार लोगों को लंबी-लंबी लाइनों में लगकर, धूप में खड़े होना पड़ा था. इसके अलावा यह भी देखा गया था कि कई लोग लाइन में लगे-लगे बेहोश तक हो गए थे. इस बार आरबीआई ने बैंकों को कहा है कि सभी बैंक लोगों के खड़े होने की स्थिति में उन्हें छाया उपलब्ध कराएंगे और इसके अलावा यह भी व्यवस्था की जाए कि लोगों को पीने के पानी की समस्या न हो.
गौरतलब है कि शुक्रवार 19 मई 2023 की शाम आरबीआई ने 2000 रुपये के नोटों के 30 सितंबर को प्रचलन से बंद किए जाने का ऐलान किया है. साथ ही आरबीआई ने लोगों को कहा है कि जल्द ही वे 2000 रुपये के नोटों को बदलवा लें. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 31 मार्च, 2023 तक प्रचलन में 2,000 रुपये के नोटों का कुल मूल्य घटकर कुल का 10.8 प्रतिशत रह गया है.