वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कर चोरी रोकने के लिये कुछ सुझाव दिए. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा कि जी-20 को कर चोरी रोकने के लिये क्रिप्टो (crypto) जैसे गैर-वित्तीय उत्पादों को सूचना के स्वत: आदान-प्रदान व्यवस्था के दायरे में लाने की व्यवहारिकता पर गौर करना चाहिए. सीतारमण ने इंडोनेशिया के बाली में कर और विकास पर जी-20 मंत्री स्तरीय संगोष्ठी में कहा कि वित्तीय खातों के बारे में सूचना के स्वत: आदान-प्रदान की व्यवस्था से जानकारी मिलती है, लेकिन जांच से पता चलता है कि कर चोरी करने वाले अक्सर अपनी बेहिसाबी संपत्ति छिपाने के लिये कई इकाइयां बनाते हैं.
उन्होंने कहा कि कर चोरी करने वाले ‘स्मार्ट' हैं और गैर-वित्तीय संपत्तियों में निवेश के जरिये अपने बेहिसाबी संपत्ति को ठिकाने लगाने के लिये रास्ते तलाशते रहते हैं. सीतारमण ने कहा, ‘अभी जब क्रिप्टो संपत्ति की रिपोर्ट को लेकर व्यवस्था बनाने की प्रक्रिया जारी है, मैं जी-20 देशों से कर चोरी रोकने के लिये क्रिप्टो जैसे गैर-वित्तीय उत्पादों को सूचना के स्वत: आदान-प्रदान व्यवस्था के दायरे में लाने की व्यवहार्यता पर गौर करने का आह्वान करती हूं.'
सीतारमण मनी लांड्रिंग और आतंकवाद के वित्तपोषण से निपटने के लिये क्रिप्टो करेंसी के वैश्विक नियमन के लिये पुरजोर वकालत करती रही हैं. उन्होंने कहा कि वित्तीय खातों के संदर्भ में सूचना के स्वत: आदान-प्रदान से कर पारदर्शिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है. सौ से अधिक देशों ने साझा रिपोर्टिंग मानदंडों (सीआरएस) के तहत वित्तीय खातों से जुड़ी सूचना के आदान-प्रदान की प्रतिबद्धता जतायी है. वित्त मंत्री ने कहा कि कई अन्य देश जो इस रूपरेखा का हिस्सा नहीं हैं, उन्हें इसके दायरे में लाया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि उन क्षेत्रों को सूचना के स्वत: आदान-प्रदान का हिस्सा बनने को प्रोत्साहित करने में जी20 को भूमिका निभानी है.'
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