खास बातें
- कारोबारी संघ एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने मंगलवार को मजदूर संघों से अनुरोध किया कि वे 20 और 21 फरवरी की हड़ताल वापस ले लें, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
भुवनेश्वर: कारोबारी संघ एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने मंगलवार को मजदूर संघों से अनुरोध किया कि वे 20 और 21 फरवरी की हड़ताल वापस ले लें, क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था को 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान होगा।
एसोचैम ने कहा कि उसने नुकसान का यह अनुमान दो दिनों तक देश के सकल घरेलू उत्पाद में प्रति दिन 30 से 40 फीसदी क्षरण के आधार पर लगाया है।
एसोचैम के बयान में कहा गया, "हड़ताल का नुकसान कम से कम 30 से 40 फीसदी या 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपये का होगा।"
एसोचैम के अध्यक्ष राजकुमार धूत ने कहा, "सुस्ती से गुजर रही भारतीय अर्थव्यवस्था मुश्किल से इसका सामना कर सकती है। सच्चाई यह है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति प्रभावित होने से मुल्य वृद्धि की स्थिति और गम्भीर हो जाएगी।"
धूत ने कहा, "हड़ताल की प्रकृति और पांच केंद्रीय संघों की सहभागिता के कारण इसका प्रभाव बैंकिंग, वित्तीय सेवा, पर्यटन, परिवहन, जैसे सेवा क्षेत्रों पर पड़ सकता है, जो अर्थव्यवस्था में महती योगदान करते हैं।"
मजदूर संघों ने मूल्य वृद्धि, महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ 20 और 21 फरवरी को देशव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।